प्रदूषित पानी पीने से होने वाली बीमारियों की वजह से भारत में हर साल करीब 7 लाख से अधिक लोग अपनी जान गंवाते है और ये आंकड़ा ज्यादातर ग्रामीण इलाको से सामने आए है। अभी हाल ही में 7 दिसंबर 2022 को एक ऐसी घटना सामने आई जिसने राजस्थान के जल विभाग की पोल खोल कर रख दी और इस घटना ने देशभर का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। घटना राजस्थान के करौली की है, जहां प्रदूषित पानी पीने से 12 साल के एक मासूम ने दम तोड़ दिया और 125 लोग बीमार हो गए जिन्हें जयपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया।जल उपलब्धता के मामले में भारत का स्थान 180 देशों में 133वां है। असलियत में दुनिया में 2.6 अरब आबादी को साफ-सफाई, स्वच्छ पेयजल और गंदे नाले के निकास जैसी बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दुनिया में कुल मरने वालों में से 6 फीसदी मौतें प्रदूषित पानी पीने से और सेनिटेशन की समुचित व्यवस्था के अभाव में होती हैं और भारत में ग्रामीण इलाकों में रहने वाले तकरीब 6.3 करोड़ लोगों को पीने का साफ पानी तक नसीब होता है।
भारत में हर साल सात लाख मौत का कारण प्रदूषित पानी