शिलांग/अगरतला : अगले साल- 2023 में मेघालय और त्रिपुरा में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेघालय और त्रिपुरा यात्रा काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। राजनीतिक पंडितों का कहना है कि प्रधानमंत्री ने इन यात्राओं के माध्यम से यहां चुनाव प्रचार का शंखनाद कर दिया। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री ने मेघालय में कहा कि उनकी सरकार ने आठ साल के कार्यकाल में पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास की राह में आई सभी बाधाओं को दूर कर दिया और इस क्षेत्र में विकास की गाथा लिखी। पूर्वोत्तर परिषद (एनईसी) की स्वर्ण जयंती के मौके पर यहां एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि क्षेत्र में प्रदान की गई बेहतर हवाई सेवाओं से कृषि उत्पाद के निर्यात में मदद मिल रही है जिससे किसानों को फायदा पहुंच रहा है। कतर में फीफा विश्वकप के फाइनल मुकाबले से पहले मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार ने पूर्वोत्तर के विकास की राह में आई कई बाधाओं को ‘रेड कार्ड’ दिखाया है। प्रधानमंत्री ने अपने 26 मिनट के भाषण में कहा कि भ्रष्टाचार, भेदभाव, हिंसा और वोटबैंक की राजनीति जैसी बाधाओं को हटाया गया। मोदी ने कहा कि पहले पूर्वोत्तर को बांटने के प्रयास किए गए लेकिन अब हम इस तरह के प्रयासों को रोक रहे हैं। उन्होंने कई परियोजनाओं का उद्घाटन और उनकी नींव भी रखी। जिन परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया उनमें ‘न्यू शिलांग टाउनशिप’ में भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम)-शिलांग भी शामिल है। आज सुबह यहां पहुंचे प्रधानमंत्री पहले ‘स्टेट कन्वेंशन सेंटर’ में एनईसी के स्वर्ण जयंती समारोह में शामिल हुए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और कई अन्य केंद्रीय मंत्रियों तथा गणमान्य लोगों ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर पिछले 50 वर्षों में पूर्वोत्तर के विकास में एनईसी के योगदान संबंधी पुस्तिका ‘गोल्डन फुटप्रिंट्स’ का भी विमोचन किया। एनईसी के 50 साल के सफर पर एक लघु फिल्म भी दिखाई गई। मोदी ने क्षेत्र के विकास में एनईसी के योगदान की भी सराहना की। क्षेत्र के आठ राज्यों को ‘अष्ट लक्ष्मी’ बताते हुए उन्होंने कहा कि सरकार को पूर्वोत्तर के विकास के लिए आठ नींव स्तंभ पर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ये आठ ‘नींव स्तंभ’ शांति, ऊर्जा, पर्यटन, 5जी कनेक्टिविटी, संस्कृति, प्राकृतिक खेती, खेल और सामर्थ्य है। पूर्वोत्तर, दक्षिण-पूर्व एशिया का प्रवेश द्वार है और यह पूरे क्षेत्र के विकास का केंद्र बन सकता है। क्षेत्र की इस क्षमता का लाभ उठाने के लिए भारत-म्यामां-थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग और अगरतला-अखौरा रेल जैसी परियोजनाओं पर काम हो रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कई शांति समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए, अंतर-राज्यीय सीमा समझौते किए गए और चरमपंथ की घटनाओं में कमी आई है। उन्होंने कहा कि पिछले आठ वर्ष में क्षेत्र में हवाई अड्डों की संख्या नौ से बढ़कर 16 हो गई है और उड़ानों की संख्या बढ़कर लगभग 1,900 हो गई है जो 2014 से पहले लगभग 900 थी। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर के कई राज्य रेलवे के मानचित्र पर आए हैं और जलमार्गों के विस्तार के प्रयास भी किए जा रहे हैं। मोदी ने कहा कि क्षेत्र में 2014 के बाद से राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई 50 फीसदी तक बढ़ाई गई है। उन्होंने पनबिजली और पर्यटन क्षेत्रों की संभावना पर भी बात की। एनईसी पूर्वोत्तर क्षेत्र के आर्थिक एवं सामाजिक विकास के लिए नोडल एजेंसी हैं। इस क्षेत्र में आठ राज्य अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा शामिल हैं। पूर्वोत्तर परिषद का गठन संसद के एक कानून के जरिए 1971 में किया गया था। हालांकि, इसका औपचारिक उद्घाटन सात नवंबर, 1972 को किया गया था। दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावी राज्य त्रिपुरा में कई विकास परियोजनाओं की शुरुआत करते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार कड़ी मेहनत कर रही है ताकि राज्य के लोग लाभान्वित हों। यहां विवेकानंद मैदान में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान त्रिपुरा के सर्वांगीण विकास पर है और शुरू की गई परियोजनाओं से राज्य के विकास को गति मिलेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि 2 लाख से अधिक गरीब परिवारों को आज अपना घर मिल रहा है और उनमें से अधिकतर त्रिपुरा की माताएं और बहनें हैं। रैली मैदान से प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी और ग्रामीण) के तहत दो लाख से अधिक लाभार्थियों के लिए ‘‘गृह प्रवेश’’ कार्यक्रम की शुरुआत की। मोदी ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में स्वच्छता अभियान एक जन आंदोलन बन गया और इसके परिणामस्वरूप त्रिपुरा देश के छोटे राज्यों में सबसे साफ-स्वच्छ के रूप में उभरा है। त्रिपुरा ने केंद्र सरकार द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण में 100 से कम स्थानीय निकाय वाले राज्यों में शीर्ष रैंक हासिल की। प्रधानमंत्री ने कहा कि कल्याणकारी योजनाओं का सबसे ज्यादा लाभ त्रिपुरा की महिलाओं को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि पीएम-मातृ वंदना योजना के माध्यम से बच्चों की माताओं के बैंक खाते में पैसा आ रहा है। उन्होंने कहा कि संस्थागत प्रसव की व्यवस्था है, ताकि मां के साथ-साथ बच्चा भी स्वस्थ रहे। प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य में कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा पूर्वोत्तर में व्यापार के नए प्रवेश द्वार के रूप में उभर रहा है, जो थाईलैंड, म्यांमा और अन्य देशों से जुड़ा होगा। मोदी ने कहा कि डबल इंजन सरकार त्रिपुरा के लोगों की बेहतरी के लिए कड़ी मेहनत कर रही है।
पूर्वोत्तर में लिखी विकास की गाथा