लखनऊ : भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने रविवार को कहा कि अल्पसंख्यकों के विकास को देश के विकास से अलग देखना उन्हें प्रगति की मुख्यधारा से काटने का राजनीतिक छल है। रविवार को यहां उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग द्वारा आयोजित अल्पसंख्यक अधिकार दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नकवी ने कहा कि सच्चर कमेटी के नाम पर मुसलमानों के भरोसे को भय और भ्रम में बदलने की कोशिश हुई। दलितों, आदिवासियों के सामाजिक, आर्थिक सशक्तिकरण से प्रतिस्पर्धा का बहाना बनाकर मुसलमानों का सियासी तुष्टीकरण का खेल खेला गया, भ्रम पैदा किया गया कि मुसलमानों के हालात दलितों से ज्यादा खराब हैं। सच्चाई यह है कि दलितों का पिछड़ापन ऐतिहासिक-सामाजिक कारणों से रहा, जबकि मुसलमानों की गरीबी सियासी छल का परिणाम है। उन्होंने कहा कि मुसलमानों के कुछ हिस्सों का पिछड़ापन संकीर्ण साम्प्रदायिक सियासत और स्वार्थी वोटों की तिजारत का नतीजा रहा और आज जब बिना भेदभाव सभी की समृद्धि, सुरक्षा, शिक्षा सुनिश्चित हो रही है तो अल्पसंख्यकों के हितों को अपने सियासी स्वार्थ की बलि चढ़ाने वाले राजनीतिक सूरमाओं के सूपड़े साफ हो रहे हैं।
मुसलमानों की गरीबी सियासी छल का परिणाम : मुख्तार अब्बास