नई दिल्ली :चीन में एक बार फिर से कोरोना ने कहर ढाना शुरू कर दिया है। अस्पतालों में मरीजों की संख्या में  85 से 95 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ है। आलम ये है कि अस्पतालों में बेड की कमी हो गई है। मरीजों को फर्श पर लेटाकर उनका इलाज किया जा रहा है। डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ की भी कमी हो गई है। दवा और ऑक्सीजन का संकट भी गहराने लगा है। हर रोज सैकड़ों लोग दम तोड़ रहे हैं। इतनी मौतें हो चुकी हैं कि अस्पतालों में अब लाश रखने की जगह भी नहीं बची है। रूम से लेकर अस्पताल के बाहर तक लाशों को रखा जा रहा है। कब्रिस्तानों में अंतिम संस्कार के लिए लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं। वहीं सीडीसी चीन के निदेशक जियाओफेंग लियांग ने दावा किया है कि अगले 90 दिन के अंदर पूरी दुनिया में कोरोना का कहर देखने को मिलेगा। दुनिया के 10 प्रतिशत से ज्यादा लोग कोरोना की चपेट में आ सकते हैं। महामारी विशेषज्ञ बेन काउलिंग भी इस दावे से सहमत हैं। काउलिंग हांगकांग विश्वविद्यालय से हैं। विशेषज्ञों का दावा है कि अगले दो से तीन महीने के अंदर चीन के 80 करोड़ लोग कोरोना से संक्रमित हो सकते हैं। कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते चीन की सड़कों पर सन्नाटा पसर गया है। स्वस्थ्य लोग घरों से निकलने से डर रहे हैं और बीमार लोग अस्पतालों में मौत से जूझ रहे हैं। इसके पहले चीन की सरकार ने कोरोना के रोकथाम के लिए लॉकडाउन भी लगाया था। हालांकि, शंघाई के रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट पर लोगों की भारी भीड़ जरूर देखने को मिलती है। लोग यहां से दूसरे शहरों की ओर जा रहे हैं। शंघाई में कोरोना सबसे तेजी से बढ़ा है।  कोरोना जांच केंद्रों पर लोगों की लंबी-लंबी लाइनें लग रही हैं। एनबीआर की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस साल ठंड में चीन के आठ करोड़ से ज्यादा लोग कोरोना से संक्रमित हो सकते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि संक्रमण के बढ़ने की रफ्तार सबसे तेज होगी। अस्पतालों में मरीजों की संख्या में हुए इजाफे की वजह से बेड और दवाइयों की कमी होने लगी है। अभी चीन में एक लाख लोगों के बीच केवल 10 आईसीयू बेड की व्यवस्था है। ऐसे में संक्रमितों की लगातार बढ़ती संख्या और बेड की कमी के चलते मरीजों को फर्श पर लिटाया जा रहा है। हर रोज सैकड़ों लोग दम तोड़ रहे हैं। कोविड प्रोटोकॉल के हिसाब से अस्पतालों में लाशों को रखने के लिए जगह भी कम पड़ गई है। वहीं, कब्रिस्तानों में भी अंतिम संस्कार के लिए लंबी-लंबी कतारें लग रहीं हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चीन कोरोना के आंकड़ों को लगातार छिपा रहा है। नवंबर मध्य तक 11 मौतों की आधिकारिक सूचना दी गई है, जबकि रोज 10,000 से ज्यादा संक्रमित मिल रहे थे। उधर, अंत्येष्टि स्थलों और अस्पतालों के वीडियो कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। सोशल मीडिया में वायरल वीडियो में दावा किया गया है कि चीन के अस्पताल कोरोना मरीजों से भरे पड़े हैं और अंत्येष्टि के लिए कतारें लग रही हैं।  चीन के कई शहरों में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। व्यावसायिक क्षेत्र पर भी संक्रमण का असर देखने को मिला है। इन केंद्रों पर कामगारों की एक साथ ज्यादा भीड़ न जुटे, इसके लिए व्यवस्था की जा रही है। वहीं सीडीसी चीन के निदेशक जियाओफेंग लियांग ने दावा किया है कि अगले 90 दिन के अंदर पूरी दुनिया में कोरोना का कहर देखने को मिलेगा। दुनिया के 10 प्रतिशत से ज्यादा लोग कोरोना की चपेट में आ सकते हैं। महामारी विशेषज्ञ बेन काउलिंग भी इस दावे से सहमत हैं। काउलिंग हांगकांग विश्वविद्यालय से हैं। वे कहते हैं कि दुर्भाग्य से कोरोना के मामलों में बहुत तेजी से उछाल आने वाला है। यह सबसे बुरी बात है। अगर संक्रमण फैलने की रफ्तार धीमी होती तो चीन के पास इससे निपटने के लिए तैयारी करने का समय होता। यह चीन के सभी शहरों में तेजी से फैल रहा है।