डिजिटल डेस्क: नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन को मोदी सरकार के कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है,केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने इसकी जानकारी दी और कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन को मंजूरी दे दी है,अब भारत ग्रीन हाइड्रोजन के लिए ग्लोबल हब होगा।  2030 तक मिशन के तहत  सालाना 50 लाख टन ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन किया जाएगा,क्रेता-विक्रेताओं को एक छत के नीचे लाने के लिए हरित हाइड्रोजन केंद्र विकसित किया जाएगा,हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत करीब 19,744 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। अनुराग ठाकुर ने आगे यह कहा की क्लाइमेट चेंज के क्षेत्र में भारत दुनिया मे महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है,2021 में ग्लास्गो में जो पंचामृत वाली बात कही थी और लाल किले से से जो ग्रीन हाइड्रोजन की घोषणा की थी,उसी के तहत आज नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन को मंजूरी दी है,2030 तक इसमें 6 लाख तक जॉब्स क्रिएट होंगे,इसमें 8 लाख करोड़ का इन्वेस्टमेंट होगा। क्लाइमेट चेंज से निपटने के लिए ग्रीन हाइड्रोजन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, इलेक्ट्रोलाइजर विनिर्माण देश में लेकर पांच साल के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा, नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन से 50 मिलियन टन ग्रीन हाउस उत्सर्जन को कम किया जाएगा। ग्रीन हाइड्रोजन के हब को विकसित करने के लिए 400 करोड़ का प्रावधान किया गया है। हिमाचल को 13 पर्सेंट बिजली मुफ्त मिलेगी,लोगो को फायदा होगा और 4000 को रोजगार मिलेगा और सरकार को भी फायदा होगा।