पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मध्य प्रदेश सरकार लगातार काम कर रही है। जहां मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं के साथ रोज पौधे रोप रहे हैं, वहीं अंकुर अभियान में जनता को खाली स्थान पर पौधे रोपने और उनकी देखरेख करने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। यही कारण है कि अभियान के तहत पिछले छह माह में 37 लाख से अधिक पौधे रोपे गए हैं। इस वर्ष की बात करें, तो वन विभाग करीब चार करोड़ और अन्य विभाग करीब साढ़े तीन करोड़ पौधे रोपेगा। पौधों की पुख्ता सुरक्षा के लिए भी रणनीति तैयार की जा रही है। इस वर्ष नर्मदा नदी की किनार पर भी बड़े स्तर पर पौधारोपण करने की योजना तैयार की जा रही है। राज्य सरकार ने 11 दिसंबर 2016 से 11 मई 2017 तक प्रदेश में नर्मदा सेवा यात्रा निकाली थी। इस दौरान नर्मदा के जलभराव क्षेत्र में पौधारोपण की योजना बनाई गई थी, जिस पर पूरी तरह से अमल नहीं हो पाया था, उस पर इस वर्ष गंभीरता से काम किया जाना है। यात्रा के तहत पौधारोपण अभियान में 16 जिलों के 962 गांव शामिल हैं। इन गांवों में नर्मदा के दोनों किनारों पर ऐसी प्रजाति के पौधे रोपे जाएंगे, जो बड़े होकर घाटों की मिट्टी का कटाव रोकेंगे। इसके अलावा बिगड़े वन (जहां वृक्ष समाप्त हो गए हैं) के उपचार के तहत वन विभाग करीब चार करोड़ पौधे रोपेगा। विभाग अपनी 173 नर्सरी में पौधे तैयार करा रहा है। इतना ही नहीं, वन विकास निगम भी अपनी भूमि पर पौधे लगाएगा। इस तरह सरकार ने इस वर्ष करीब सात करोड़ पौधे लगाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 19 फरवरी 2020 को अमरकंटक में नर्मदा जयंती कार्यक्रम में शामिल हुए थे। यहां उन्होंने प्रतिदिन पौधा रोपने का संकल्प लिया था। इसके बाद से वे देश या विदेश कहीं भी रहें, लगातार पौधे रोप रहे हैं। इसे पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए उन्होंने अंकुर अभियान शुरू किया है, जो इस वर्ष में चलाया जाएगा। अभियान के तहत घर के सामने, उद्यान या किसी भी खाली स्थान पर कोई भी पौधा रोप सकता है। उसकी छह माह तक लगातार देखरेख करनी होती है और इसका फोटो अपलोड करने पर सरकार प्रशस्ति पत्र देती है।
पर्यावरण संरक्षण के लिए इस साल मप्र सरकार रोपेगी सात करोड़ पौधे