गुवाहाटी : एक अलग कामतापुर राज्य गठन के संदर्भ में देशव्यापी चर्चा के समय असम में अलग-अलग राज्यों की मांगें हो रही हैं। हाल ही में अलग बोड़ोलैंड और अलग बराक राज्य की मांग फिर से उठी है। बोड़ो नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन (बीएनएसयू) और ऑल बोड़ो एक्स वालंटियर्स फोर्स ऑर्गनाइजेशन ने अलग बोड़ोलैंड की मांग की है। दोनों संगठनों ने सोनकोश से लेकर सदिया तक अलग बोड़ोलैंड की मांग की है। संघ ने कोकराझाड़ स्थित प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता में यह बात कही। संघ ने बोड़ोलैंड की घोषणा के बिना फिर से आंदोलन शुरू करने की धमकी दी।

इसी मांग को लेकर कोकराझाड़ में अखिल बोड़ो पूर्व स्वयंसेवक बल संगठन ने सरकार के फैसले के विरोध में प्रदर्शन किया। ऑल बोड़ो एक्स-वालंटियर्स फोर्स ऑर्गनाइजेशन (एबीवीओवी) के नेताओं ने स्पष्ट कर दिया कि वे अलग बोड़ोलैंड के बिना कभी नहीं रुकेंगे। बीएसी, बीटीसी और बीटीआर समझौतों ने बोड़ो लोगों की आकांक्षाओं को पूरा नहीं  पर  किया है। इसलिए हमारे पास एक अलग बोड़ोलैंड होना जरूरी है।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अगर कमतापुर हो सकता है तो बोड़ोलैंड क्यों नहीं। इसी सिलसिले में  विवादास्पद बंगाली नेता प्रदीप दत्त ने एक अलग बराक राज्य की घोषणा की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि एक अलग कमतापुर राज्य घोषित किया जा सकता है, तो बराक घाटी को अलग करने की लंबे समय से चली आ रही मांग को भी स्वीकार किया जाना चाहिए। उन्होंने उल्लेख किया कि कछार, करीमगंज, हैलाकांडी, उत्तरी कछार, कार्बी आग्लांग, होजाई, लामडिंग, लंका और नागालैंड में जहां डिमासा राज्य की स्थापना हुई थी और जो बाद में 80 लाख की आबादी वाला माईबांग बन गया था। बराक घाटी की आबादी 50 लाख है। हम केंद्र सरकार से शेष 30 लाख लोगों के साथ अलग बराक राज्य बनाने की मांग करते हैं।