नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को विपक्ष को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि देश की जनता नकारात्मकता स्वीकार नहीं कर सकती और उनके ऊपर लगाए गए झूठे आरोपों पर कभी भरोसा नहीं करेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके पास 140 करोड़ देशवासियों के आशीर्वाद का सुरक्षा कवच है जिसे कोई भेद नहीं सकता। अडाणी समूह से जुड़े मुद्दे पर कांग्रेस सहित विपक्ष के आरोपों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उन पर लोगों का भरोसा अखबार की सुर्खियों और टेलीविजन पर चमकते चेहरों से नहीं हुआ है, बल्कि उन्होंने देश के लिए पूरा जीवन खपा दिया है, पल-पल खपा दिया है तथा देश के लोग झूठे आरोपों पर भरोसा नहीं करने वाले हैं। उन्होंने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि देशवासियों का जो मोदी पर भरोसा है वो इनकी (विपक्ष की) समझ से बाहर है    और इनकी समझ से ऊपर की बात है। प्रधानमंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लिए बिना कहा कि जो अहंकार में डूबे रहते हैं, उनको लगता है कि मोदी को गाली देकर ही हमारा रास्ता निकलेगा और गलत आरोप लगा कर ही आगे बढ़ पाएंगे। 

कांग्रेस का नाम लिए बिना उसके घटते जनाधार पर कटाक्ष करते हुए प्रधानमंत्री ने प्रसिद्ध कवि दुष्यंत की पंक्तियां पढ़ीं- ‘तुम्हारे पांव के नीचे कोई जमीन नहीं, कमाल यह है कि फिर भी तुम्हें यकीन नहीं।’ मोदी ने कहा कि इनकी गालियां और इनके आरोपों को उन कोटि-कोटि भारतीयों से होकर गुजरना पड़ेगा, जिनको दशकों तक मुसीबत में जिंदगी जीने के लिए इन्होंने मजबूर किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग अपने लिए और अपने परिवार के लिए जी रहे हैं, लेकिन मोदी देश के 25 करोड़ परिवारों के लिए जी रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि राजनीतिक विचारधाराएं अलग हो सकती हैं लेकिन यह देश अजर-अमर है। उन्होंने कहा कि जो लोग गांधी के नाम पर बार-बार रोटी सेंकने का प्रयास करते हैं, वे एक बार गांधी को पढ़ लें। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की जिन माताओं, बहनों, बेटियों को उज्ज्वला योजना, जनता को मुफ्त अनाज, आवास आदि योजनाओं का लाभ मिला हो, वे ऐसी गालियों, झूठे आरोपों पर कैसे भरोसा करेंगे।

अपने लगभग डेढ़ घंटे के भाषण में मोदी ने कहा कि दुनिया में कोरोना महामारी सहित अनेक संकटपूर्ण हालात के बीच देश को जिस तरह से संभाला गया, उससे पूरा देश आत्मविश्वास से भर रहा है एवं पूरे विश्व में भारत को लेकर सकारात्मकता, आशा और भरोसा है।  विपक्ष को नकारात्मकता फैलाने के विरूद्ध सचेत करते हुए मोदी ने कहा कि भारतीय समाज नकारात्मकता को सहन कर लेता है, स्वीकार नहीं करता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि समय सिद्ध कर रहा है... जो कभी यहां (सत्ता पक्ष में) बैठते थे वो वहां (विपक्ष में) जाने के बाद भी फेल हुए हैं, लेकिन देश पास होता जा रहा है। राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के क्रम में उनके कश्मीर जाने का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जो हाल में जम्मू-कश्मीर घूम कर आए हैं वो भी अब देख सकते हैं कि वहां कितनी आन-बान-शान से घूमा जा सकता है। उन्होंने कहा कि पिछली शताब्दी के उत्तरार्द्ध में वह स्वयं भी यात्रा लेकर कश्मीर गए थे और तब आतंकवादियों ने पोस्टर लगाए थे कि- कौन है ऐसा, जिसने मां का दूध पिया है, जो लाल चौक पर तिरंगा लहराएगा।

मोदी ने कहा कि उन्होंने उस वर्ष 23 जनवरी को ऐलान किया था कि 26 जनवरी को 11 बजे वह लाल चौक पर जाएंगे और सुरक्षा तथा बुलेट प्रूफ जैकेट के बिना वहां जाकर तिरंगा फहराएंगे, फिर देखेंगे कि किसने मां का दूध पीया है। कोरोना महामारी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि 100 साल में आई हुई यह भयंकर महामारी, दूसरी तरफ युद्ध की स्थिति, बंटा हुआ विश्व इस स्थिति में भी संकट के माहौल में देश जिस प्रकार से संभला है, इससे पूरा देश आत्मविश्वास और गौरव से भर रहा है। उन्होंने कहा कि दुनिया के तमाम देशों व हमारे पड़ोस में जिस तरह के हालात हैं, ऐसे समय में कौन हिंदुस्तानी गौरव नहीं करेगा कि उनका देश दुनिया की पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था है। आज पूरे विश्व में भारत को लेकर सकारात्मकता है।  उन्होंने कहा कि खेलों में कभी देश की कोई पूछ नहीं थी, आज हर स्तर पर भारत के खिलाड़ी अपना सामर्थ्य दिखा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 9 वर्ष में भारत में 90 हजार स्टार्टअप्स आए हैं। हम दुनिया में इस मामले में तीसरे नंबर पर पहुंच गए हैं, हमारा स्टार्टअप ईकोसिस्टम देश के छोटे-छोटे शहरों में पहुंचा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि मोबाइल विनिर्माण में आज भारत दूसरा बड़ा देश बन गया है, घरेलू हवाई सेवा में आज देश विश्व में तीसरे नंबर पर हैं। उन्होंने कहा कि ऊर्जा उपभोग में आज भारत दुनिया में तीसरे नंबर पर है, नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में चौथे नंबर पर है। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत की ओर आशा भरी नजरों से देख रही है। आज आत्मविश्वास से भरा हुआ देश अपने सपनों और संकल्पों के साथ चलने वाला है।  मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में ‘संकल्प से सिद्धि’ तक का बढ़िया तरीके से खाका खींचा गया, जिसमें एक प्रकार से देश को लेखा-जोखा भी दिया गया और प्रेरणा भी दी गई।