डिगबोई : तिनसुकिया जिले के डिगबोई में आज रेलवे की ओर से अतिक्रमणकारियों के खिलाफ अभियान चलाया गया । डिगबोई के राष्ट्रीय राजमार्ग 38 के किनारे स्थित बोगापानी बाजार और उक्त बाजार के पीछे रेलवे की जमीन पर वर्षों से रह रहे लोगों  के घरों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर आज रेलवे का बुलडोजर चला। तिनसुकिया रेल प्रमंडल के शीर्ष अधिकारियों और  असम पुलिस एवं केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के सहयोग से आज रेलवे की ओर से सुबह से यह अभियान चलाया गया। रेलवे अधिकृत एक  विशाल क्षेत्र में वर्षों से स्थायी रूप से घर द्वार तथा व्यवसायिक प्रतिष्ठान निर्माण कर रह  रहे इन परिवारों को बार-बार नोटिस के जरिए रेलवे की जमीन खाली करने को कहा गया, बावजूद इसके उन्होंने इस पर ध्यान नहीं दिया।

कहा जा रहा कि अवैध तरीके रेलवे की जमीन पर रह रहे परिवारों को कुछ दिन पूर्व विभाग ने लाउडस्पीकर के जरिए  जमीन को खाली करने का निर्देश दिया था, इसके बावजूद लोग प्रशासनिक निर्देश की अवमानना कर अपने घरों में डटे रहे, वहीं कल तिनसुकिया जिले के एक मजिस्ट्रेट के जरिए स्टे आर्डर लाकर आज अभियान चलाया गया।  आज सुबह बेदखल अभियान शुरू होने से पहले ही रेलवे की जमीन पर रहे सैकड़ों लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग को अवरुद्ध करने का प्रयास किया। इसी दौरान मौके पर तैनात रेलवे पुलिस,असम पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों ने जब उन्हें बाधा देने का प्रयास किया तो दोनों पक्षों के बीच कहासुनी तथा धक्का-मुक्की शुरू हो गई । इसी बीच अतिक्रमणकारियों ने रेल की पटरी पर बिछाए गए पत्थरों से  जवानों पर  पथराव  शुरू कर दिए, जिसके जवाब में पुलिस ने परिस्थिति को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज शुरू कर दिया। इस लाठीचार्ज  में कई विद्यार्थी  सहित अन्य लोगों के जख्मी  होने की जानकारी मिली है।

दूसरी ओर पुलिस दल को नेतृत्व दे रहे उप पुलिस अधीक्षक हिरण्य कुमार बोरा और डिगबोई थाने के प्रभारी दिव्यज्योति दत्त के बदन पर पत्थर भी पड़े पर सौभाग्य से दोनों  बच गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार रेलवे की ओर से आज जिन घरों पर बुलडोजर चलाया गया उनमें ऐसे कई विद्यार्थी हैं जो आगामी मैट्रिक और हायर सेकेंडरी की परीक्षा देने जा रहे हैं । अभियान के दौरान आट्सा की डिगबोई आंचलिक समिति के सदस्यों ने मौके पर उपस्थित होकर राज्य सरकार की भूमिका की तीखी आलोचना करते हुए बेघर हुए परिवारों को सरकारी भूमि देकर उनके पुनर्वास करने की मांग की। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार  डिगबोई रामनगर से टिंगराई स्टेशन तक रेलवे की जमीन पर बने तमाम घरों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ रेल विभाग का अभियान जारी रहेगा। इन सबके बीच आज डांगरिया बाबा मंदिर के सम्मुख रेलवे की भूमि पर रह रहे जुगनू मुंडा जब अपने घर का छप्पर खोल रहे तभी ऊपर स्थित 30 केबी वोल्ट के बिजली के तार का स्पर्श होने से वे जख्मी हो गए।