अपने क्षेत्र को हरा-भरा करने के लिए पौधा रोपण तो कई लोगों ने किया लेकिन कुछ ऐसे भी जो न केवल इन पौधों को तैयार करते हैं बल्कि उन्हें स्कूल-कॉलेजों तक निशुल्क बांट भी रहे हैं। इनमें से एक नसीर अब तक हजारों पौधे तैयार कर बांट चुके हैं।भोपाल के कई स्थानों पर इनके जरिए तैयार पौधों का रोपण किया गया। इन्होंने बताया कि हरियाली को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने ए काम शुरू किया है। पौधा रोपण तो सभी करते हैं लेकिन उन पौधों को तैयार करने वाला भी कोई होना चाहिए जिन्हें रोपा जाना है। इसी को ध्यान में रख लंबे समय से इस काम को कर रहा हूं।
बढ़ावा देने के लिए न केवल पौधा रोपण किया बल्कि इसे बढ़ावा भी दिया। इन्होंने बताया कि बरसात के दौरान मुख्य रूप से पौधारोपण होता हैं। इससे कुछ महीने पहले पौधों को तैयार करना पड़ता है। अभी से इसके लिए तैयारी हो चुकी है। रोपने के दौरान पौधे को थोड़ा बड़ा होना चाहिए। नसीर बताते हैं हरियाली लाने के लिए केवल पौधे रोपने पर काम खत्म नहीं हो जाता। इनकी सुरक्षा भी जरूरी है। इस दिशा में काम करने की जरूरत है। ज्यादातर पौधे देखरेख के अभाव में सूख जाते हैं ऐसे में पौधा रोपण का कोई औचित्य ही नहीं निकलता। भीषण गर्मी और अधूरे इंतजामों के चलते यात्रियों को रात बिताना मुश्किल हो रहा है। कोई प्लेटफार्म पर पड़ा है तो कोई सड़क किनारे सोने के लिए मजबूर है।
रेलवे स्टेशन पर हर रोज ये हालात बन रहे हैं। प्लेटफार्म नंबर 6 की ओर जिस जगह टिकट के लिए लाइन लगती है वहां यात्रियों को रात गुजारना पड़ रही है। ये पूरा हॉल यात्रियों से भरा पड़ा था। कई लोगों का गर्मी के कारण बुरा हाल हो रहा है। यहां सुरक्षा इंतजाम बढ़ाए जाने चाहिए। मुसाफिरों के साथ सामान होता है। बिना सुरक्षा कोई भी इसमें सेंध लगा सकता है।