गुवाहाटी :पूर्वोत्तर के मुख्य द्वार गुवाहाटी में  पत्नी द्वारा अपने दो सहयोगियों की मदद से पति और सास की हत्या की घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। उक्त  महिला ने प्रेमी और दोस्त के साथ मिलकर कथित तौर पर अपने पति व सास की हत्या की, फिर शवों के टुकड़े कर पॉलिथीन में भरकर मेघालय ले गई और उन्हें एक खाई में फेंक दिया। पुलिस ने सोमवार को उपरोक्त आशय की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हत्याएं पिछले साल अगस्त-सितंबर में हुई थीं और महिला की सास के शव के कुछ ही हिस्से रविवार को मेघालय से बरामद किए जा सके ।

गुवाहाटी के पुलिस आयुक्त दिगंत बोरा  ने कहा कि हत्याएं करीब सात महीने पहले की गई थीं। हमने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। उन्होंने इस बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी। संपर्क करने पर पुलिस उपायुक्त (मध्य) दिगंत कुमार चौधरी ने कहा कि पत्नी ने सितंबर में अपने पति और सास के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद जांच शुरू की गई थी। उन्होंने कहा कि पति और सास की पहचान अमरेंद्र डे व शंकरी डे के रूप में हुई है। चौधरी ने कहा कि कुछ समय बाद अमरेंद्र के चचेरे भाई ने गुमशुदगी की एक और शिकायत दर्ज करायी, जिससे पत्नी पर संदेह पैदा हुआ। उन्होंने कहा कि दोनों मामले नूनमाटी थाने में दर्ज किए गए थे।

गुवाहाटी के चांदमारी और नारंगी इलाकों में दो अलग-अलग घरों में दोनों हत्याएं की गईं। चौधरी ने विस्तृत जानकारी साझा किए बिना दावा किया कि हत्याएं कथित तौर पर अमरेंद्र की पत्नी, उसके प्रेमी और एक अन्य व्यक्ति द्वारा की गईं। संदेह है कि वह उसका बचपन का दोस्त है। चौधरी ने कहा कि हत्याओं के बाद उन्होंने शवों के छोटे-छोटे टुकड़े कर किए, उन्हें थैलियों में पैक किया और मेघालय ले गए। वहां उन्होंने टुकड़ों को पहाड़ियों से नीचे फेंक दिया। पुलिस उपायुक्त ने कहा कि हमने शवों का पता लगाया और कल मेघालय से कुछ हिस्सों को बरामद किया। दोनों मृतकों के शवों के सभी हिस्सों को खोजने के लिए हमारा अभियान जारी है।

दूसरी ओर इस हत्याकांड की मुख्य आरोपी बंदना कलिता व दो सहयोगी धनजीत डेका व अरूप डेका को साथ लेकर बीते कल रविवार की रात सास शंकरी डे की शव के टुकड़ों को मेघालय के चेरापूंजी से बरामद करने के बाद आज सोमवार को तीनों आरोपियों को सीजेएम अदालत में पेश किया गया। इस दौरान अदालत ने मुख्य आरोपी बंदना कलिता को चार दिनों के पुलिस हिरासत का निर्देश दिया, वही इस हत्याकांड में लिप्त दो सहयोगी धनजीत डेका व अरूप डेका को सात दिनों के पुलिस हिरासत का निर्देश दिया गया है। वही इस मामले को लेकर आज सोमवार को एक संवाददाता सम्मेलन आयोजित कर पुलिस आयुक्त दिगंत बोरा ने बताया कि पिछले एक लंबे समय से आरोपी बदना डेका की सास शंकरी डे व पति अमरज्योति डे लापता थे। पुलिस इनके अपहरण का संदेह जता रही थी। परंतु इस मामले में पुलिस की कार्रवाई के दौरान बंदना पर संदेह जताया गया तथा उसे हिरासत में लिया गया।

पुलिस हिरासत में बंदना से पूरी कहानी उगल डाली। बंदना से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस ने बताया कि वंदना ने तकिए के सहारे शंकरी डे को बेहोश किया और बेलन से सिर पर वार कर उसकी हत्या कर दी। दूसरी ओर एक धारदार हथियार के सहारे शव का सिर व अन्य अंग काटकर उसे एक बोरी में भरकर मेघालय में जाकर फेंक दिया। इसी बीच गत वर्ष के 17 अगस्त को सहयोगी धनजीत डेका व अरूप डेका के साथ मिलकर पति अमरज्योति डे की हत्या की और उसके शव के पांच टुकड़े किए। एक प्लास्टिक के बोरी में शव के टुकड़ों को भरकर धनजीत डेका के कार में उठाकर इस बोरी को मेघालय के दाउकी में फेंक दिया गया। इस बात की जानकारी मिलते ही धनजीत डेका को पुलिस ने तिनसुकिया से गिरफ्तार किया व अरुप डेका को नगर के खानापाड़ा से गिरप्तार किया। फिलहाल शंकरी डे  के शव के टुकड़े बरामद किए गए हैं  और अमरज्योति डे के शव के टुकड़ों को बरामद करने के लिए पुलिस पुनः अभियान चलाएगी। फिलहाल नगर के पान बाजार स्थित महिला थाने में वंदना को रखा गया है तथा दोनों सहोयगी धनजीत डेका व अरूप डेका को नूनमाटी पुलिस की हिरासत में रखा गया है। इस मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।