डिब्रूगढ़ : दुनिया मे सबसे लंबे रिवर क्रूज यात्रा के रूप में जाने जाने वाली एम.वी गंगा विलास क्रूज ने 50 दिनों की सफल यात्रा तय कर आज डिब्रूगढ़ के बोगीबिल घाट पहुंचा। इस दौरान पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री सर्वानन्द सोनोवाल ने सभी विदेशी यात्रियों का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में  विदेशी पर्यटकों का असमिया परंपरा के अनुसार असमिया गामोछा व  गैंडे के स्मृति चिन्ह प्रदान कर उनका स्वागत किया गया। केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने अपने संबोधन में  इस ऐतिहासिक और अभूतपूर्व घटना को सराहा, जो भारत की आजादी के 75 वर्ष बाद अन्तर्देशीय जलमार्ग के क्षेत्र में पहली बार हुई है। उन्होंने कहा कि 3200 किलोमीटर लंबा फासला सफलतापूर्वक तय करते हुए एमवी गंगा विलास ने पूरे दक्षिण एशिया क्षेत्र में रिवर टूरिज्म की संभावनाओं के नए अवसर खोले हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 13 जनवरी 2023 को वाराणसी से एमवी गंगा विलास को झंडी दिखाकर रवाना किया था। यह भारत में निर्मित पहला क्रूज वैसल है, इसे अनूठे डिजाइन और भविष्यवादी विजन के साथ निर्मित किया गया है।  इस क्रूज में तीन डेक और 18 सुइट्स हैं, जहां 36 पर्यटक रह सकते हैं।अगले दो वर्षों तक के लिए  दोनों तरफ की सभी यात्राओं की बुकिंग हो चुकी है। एक नए युग का आरंभ करने वाली इस यात्रा के यात्रियों को पटना साहिब, बोध गया, विक्रमशिला, ढाका, सुंदरबन व काजीरंगा जैसे प्रसिद्ध स्थलों को देखने का मौका मिला और इन सब जगहों के दर्शन करते हुए वे आज असम के डिब्रूगढ़ में पहुंचे। उन्होंने आगे कहा कि दुनिया के सबसे लंबे रिवर क्रूज एमवी गंगा विलास के सफल समापन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में मिसाल कायम करते हुए यह दिखाया कि देश के लाभ के लिए केंद्र सरकार नई संभावनाओं को मुमकिन बनाने को तत्पर हैं।

इस पूरी यात्रा के दौरान हमारे जलयान की मजबूती ने साबित किया कि देश की जलयान निर्माण क्षमता विश्व स्तरीय  है।अन्तर्देशीय जलमार्गों में सफल क्रूज मूवमेंट और कार्गो मूवमेंट पीएम मोदी जी के विजन का परिचायक है जो परिवहन के जरिए परिवर्तन ला रहा है। मेरिटाइम इंडिया विजन-2030 को हासिल करने के लिए हम पीएम मोदी जी के सक्षम नेतृत्व में काम करना जारी रखेंगे इसके अलावा 2035 तक सागरमाला परियोजना और पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान एवं नेशनल लॉजिस्टिक्स पॉलिसी के लिए भी सरकार कार्यरत रहेंगे। हमने आज एक और मील का पत्थर पार कर लिया है जो भारत की ब्लू इकॉनॉमी में मौजूद असीम संभावनाओं को खोलता है। पूर्वोत्तर में रिवर इकॉनॉमी को बढ़ावा देने के बारे में केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने कहा कि नदियों के जरिए व्यापार करने के  इतिहास को दोहराने की तैयार हो चुकी है और आज दुनिया के सबसे लंबे रिवर क्रूज की सफलतापूर्वक यात्रा पूरी हो चुकी है।

प्रधानमंत्री पीएम नरेंद्र मोदी  के विजनरी नेतृत्व के साथ ब्रह्मपुत्र से लेकर अंतर्राष्ट्रीय समुद्री व्यापार मार्गों तक अपना दावा पुनः प्राप्त कर लिया है जो इंडो बांग्लादेश प्रोटोकॉल रूट और कोस्टल ईकोसिस्टम से होता हुआ जाता है। अर्थ गंगा के जरिए समग्र नदी अर्थव्यवस्था ने रिवर क्रूज की सफलता द्वारा बहुत बल प्राप्त किया है। प्रधानमंत्री का सपना एक वैकल्पिक परिवहन के लिए है जो किफायती, सुरक्षित व पर्यावरणीय रूप से संवहनीय हो और आज इस सफलता के साथ वह सपना हकीकत बन गया है। उन्होंने दृढ़ विश्वास जताते हुए कहा कि नदी परिवहन में ज्यादा निवेश कर के सरकार ने नेक पहल नेटजीरो में योगदान दे सकते हैं जो प्रदूषण में कमी लाने व किफायती विकल्प देने के बारे में है। उत्तर पूर्व का क्षेत्र भारत की वृद्धि में योगदान देने को तैयार है, यहां नदियों की प्रणाली बहुत समृद्ध है। केंद्रीय मंत्री ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि ऐतिहासिक शहर डिब्रूगढ़ और यह पूरा इलाका नदी परिवहन के माध्यम से व्यापार एवं वाणिज्य की संभावनाओं को लेकर बहुत उत्साहित है।

एमवी गंगा विलास ने भारत और बांग्लादेश को दुनिया के रिवर क्रूज नक्शे पर ला दिया है। इससे पर्यटन और मालवाहन के क्षेत्र में नया रास्ता खुला है। घरेलू और विदेशी, दोनों किस्म के पर्यटकों को अब काशी, बोध गया, विक्रमशिला, पटना साहिब का आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त होगा तथा वे सुंदरबन एवं काजीरंगा जैसे स्थानों पर प्राकृतिक विविधता को देख सकेंगे। इस रूट के जरिए पर्यटकों को बहुत व्यापक अनुभव मिलेगा और वे भारत व बांग्लादेश, दोनों की कला, संस्कृति, इतिहास व आध्यात्मिकता का दर्शन कर सकेंगे।