शिलांग : मेघालय में मतदान और उसके बाद जारी एग्जिट पोल में सरकार बनाने को लेकर मामला फंस गया है। एग्जिट पोल में किसी भी पार्टी को बहुमत न मिलने का दावा किया गया है। हालांकि, एनपीपी यहां सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरती दिख रही है। इस बीच मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने गठबंधन बनाने के संकेत दिए हैं। संगमा ने कहा कि वह स्थिर सरकार बनाने के लिए सभी विकल्प खुले रखेंगे। उन्होंने कहा कि हम एक स्थिर सरकार बनाने के लिए अपने सभी विकल्प खुले रखेंगे। हम यह देखकर खुश हैं कि रुझान हमारे पक्ष में हैं, क्योंकि हमें पिछली बार की तुलना में अधिक सीटें मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि राज्य में एक स्थिर सरकार बनाने के लिए राज्य के सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया जाएगा। बता दें, पिछली बार संगमा ने भाजपा के समर्थन से सरकार बनाई थी।
इसके बावजूद दोनों पार्टियों ने अगल-अगल चुनाव लड़ा है। मेघालय में भाजपा, कांग्रेस, एनपीपी और तृणमूल कांग्रेस समेत इस बार 13 राजनीतिक दल मैदान में हैं। कुल 375 उम्मीदवार चुनावी मैदान में है। इनमें 36 महिला उम्मीदवार भी शामिल हैं। मेघालय चुनाव में भाजपा और कांग्रेस ने 60-60 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने 56 उम्मीदवारों को टिकट दिया है। इसके अलावा सीएम कोनराड के. संगमा के नेतृत्व वाली एनपीपी ने 57 उम्मीदवारों, यूडीपी ने 46, एचएसपीडीपी ने 11, पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट ने 9, गण सुरक्षा पार्टी ने एक, गारो नेशनल काउंसिल ने दो, जनता दल (यूनाइटेड) ने तीन उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। एक सीट पर एक प्रत्याशी के निधन के चलते अभी 59 सीटों पर ही मतदान हुआ है।
ऐसे में नतीजे भी इन्हीं 59 सीटों के आएंगे। बची हुई सीट पर बाद में उपचुनाव होगा। मेघालय 60 सदस्यीय विधानसभा सीटों वाला राज्य है। यहां सरकार बनाने के लिए किसी भी पार्टी के पास कम से कम 31 सीटें जीतनी होती हैं। पिछले चुनाव में यहां कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। कांग्रेस के 21 उम्मीवारों ने जीत हासिल की थी, तो एनपीपी के 20 प्रत्याशी जीते थे। हालांकि, सबसे बड़ी पार्टी बनकर भी कांग्रेस को सत्ता से बाहर रहना पड़ा था। भाजपा समेत कुछ अन्य दलों ने एनपीपी को समर्थन दे दिया और सरकार बनवा दी।