डिजिटल डेस्क:  शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने संकटग्रस्त कारोबारी विजय माल्या की वह याचिका खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने मुंबई की एक अदालत में उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किये जाने और उनकी संपत्तियों को जब्त करने की कार्यवाही को चुनौती दी थी। माल्या का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील ने शीर्ष अदालत को अवगत कराया कि उन्हें इस मामले में अपने मुवक्किल से कोई निर्देश नहीं मिल रहा है, तथा जिसके बाद शीर्ष अदालत ने मुकदमा न चलाने की याचिका खारिज कर दी। 

इससे पहले  सात दिसंबर, 2018 को शीर्ष अदालत ने  माल्या की याचिका पर ईडी को नोटिस जारी किया था और मुंबई की विशेष अदालत ने पांच जनवरी, 2019 को अधिनियम के तहत माल्या को ‘भगोड़ा’ घोषित किया गया था। अधिनियम के प्रावधानों के तहत, एक बार किसी व्यक्ति को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किए जाने के बाद, अभियोजन एजेंसी के पास उसकी संपत्ति को जब्त करने की शक्तियां होती हैं।