मुक्तसर की एमबीबीएस डॉ. सीमा गोयल ने पांच रुपए में पर्यावरण बचाने का बीड़ा उठाया है। इसके लिए वह अन्य की सहायता से कपड़े के थैले सिलवाकर उन्हें लोगों को 5 रुपए में दे रही हैं ताकि लिफाफों से मुक्ति मिले। धरती पालिथीन मुक्त हो और पर्यावरण बचे। अब तक वह 10 हजार के करीब थैले बांट चुकी हैं। चाहती हैं कि हर जिले में थैला बैंक बने जहां 5 रुपए में कपड़े का झोला मिल पाए। डॉक्टर सीमा बताती हैं कि इस काम में उनका साथ समाज सेवियों के साथ साथ जिला प्रशासन ने भी किया। डॉ. सीमा गोयल अब तक चार किताबें भी लिख चुकी हैं।
उन्होंने बताया कि वह अब तक 8 हजार से 10 हजार थैले बनाकर लोगों को बांट चुकी हैं। डॉ. सीमा गोयल बताती हैं कि लोगों को यह लगता था कि एक ही थैले में डालने से उनकी सब्जियां मिक्स हो जाएंगी। जिसके चलते उनके द्वारा लोगों की यह मुश्किल को देखते हुए थैले में अलग-अलग हिस्से बनाए गए जिसमें अलग-अलग सब्जियां डाली जा सकती है। डॉ. सीमा गोयल बताती हैं कि थैले बनाने के लिए उन्हें कपड़ा कई संस्थाओं की ओर से डोनेशन में दिया जाता था। वह कपड़ा हम सिलाई करवाकर थैले बनवाते हैं।