डिजिटल डेस्क: रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग के बीच भारत के अपने पड़ोसी देशों चीन तथा पाकिस्तान के साथ बने तनावपूर्ण संबंधों को लेकर अमेरिका की एक खुफिया रिपोर्ट आई है जिसमें आने वाले समय में क्षेत्र में तनाव बढ़ने की संभावना जताई गई है। भारत-पाकिस्तान और भारत-चीन के बीच तनाव बढ़ सकता है तथा उनके बीच संघर्ष शुरू होने की भी आशंका जताई गई है।आशंका यह भी जताई जा रही हैं कि पाकिस्तानी की ओर से उकसावे की स्थिति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में भारत पहले की तुलना में अधिक सैन्य बल के साथ जवाब देगा। अमेरिकी खुफिया तंत्र के वार्षिक खतरे के आकलन का एक हिस्सा है, जिसे राष्ट्रीय खुफिया निदेशक के ऑफिस की ओर से अमेरिकी कांग्रेस के समक्ष पेश किया गया हैं।
पड़ोसी मुल्कों से बढ़ सकता है विवाद:
रूस-यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में अब, इस अमेरिकी रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान और चीन के साथ भारत के संभावित विवादों का असर उन चीजों पर पड़ सकता है जिन पर संयुक्त राज्य अमेरिका को तत्काल ध्यान देने की जरूरत पड़ सकती है।रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध वर्तमान युग की एक बड़ी समस्या बनी हुई है,और ऐसे रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीन के पास वैश्विक नियमों को बदलने और संभावित रूप से अपने पड़ोसियों को धमकी देने का सिलसिला बढ़ सकता है।बॉर्डर पर बने विवाद के बीच भारत और चीन दोनों देशों के संबंधों पर रिपोर्ट ने परमाणु शक्तियों के बीच सशस्त्र टकराव के बढ़ते जोखिम के बारे में चेतावनी दी, जिसमें “अमेरिकी लोगों और हितों पर भी सीधा खतरा हो सकता है, और अमेरिका से हस्तक्षेप की मांग की जा सकती है।” इसमें अमेरिकी हस्तक्षेप की मांग की जा सकती है, पिछले संघर्षों से यह स्पष्ट है कि एलएसी पर लगातार निम्न-स्तर के संघर्ष तेजी से बढ़ सकते हैं।”हालांकि दोनों देशों की ओर से शांति बहाली की कोशिशें भी लगातार जारी हैं।
पाक पर हो सकती है मिलिट्री कार्रवाई:
भारत और पाकिस्तान के संभावित संघर्ष को लेकर विशेष चिंता जताई गई क्योंकि यह तनाव “दो परमाणु संपन्न देशों के बीच” का है,और भारत और पाकिस्तान के बीच लगातार बढ़ता तनाव विशेष रूप से चिंता का विषय बना हुआ है। हालांकि दोनों देश संभवत: 2021 की शुरुआत में नियंत्रण रेखा पर दोनों पक्षों के फिर से संघर्षविराम बनाए रखने पर राजी होने के बाद से अपने संबंधों को मजबूत करने के इच्छुक हैं,दूसरी ओर, पाकिस्तान लंबे समय से आतंकी संगठनों का साथ देता रहा है और उसका इस मामले में पुराना इतिहास है।पाकिस्तान की ओर से उकसावे की किसी भी कार्रवाई की स्थिति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में भारतीय सैन्य बल की ओर से माकूल जवाब देने की उच्च संभावना को स्वीकार किया गया है,तथा कश्मीर में अशांति फैलने या फिर भारत में आतंकवादी हमले की सूरत में इस तरह की एक्शन की संभावना ज्यादा है।