गुवाहाटीःअसम के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने शुक्रवार को असम विधानसभा के बजट को पहली बार संबोधित करते हुए कहा कि राज्य विकास के पथ पर अग्रसर है और सरकार सर्वांगीण एवं समावेशी विकास पर ध्यान दे रही है। उन्होंने बजट सत्र के पहले दिन विधानसभा में अपने अभिभाषण में कहा कि उग्रवाद को नियंत्रित और कानून-व्यवस्था को बरकरार रखते हुए राजकोषीय स्थिति बेहतर कर रोजगार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं। साथ ही असम ने सांस्कृृतिक क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।

राज्यपाल कटारिया ने कहा कि कुछ साल पहले तक, राज्य में हिंसा और उग्रवाद की घटना आम बात थी,लेकिन आज असम की स्थिति बेहतर हुई है।  राज्यपाल ने कहा कि केंद्र सरकार के प्रतिबद्ध प्रयासों से सभी बड़े उग्रवादी संगठनों ने या तो हथियार डाल दिए या वार्ता प्रक्रिया में शामिल हो गए। साथ ही, सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम (अफ्सपा) असम के 24 जिलों और एक ‘सब-डिविजन’ से हटा लिया गया है। अपने लिखित अभिभाषण में हाल में बाल विवाह के खिलाफ शुरू किए गए अभियान का जिक्र करते हुए राज्यपाल कटारिया ने कहा कि तीन फरवरी से इस तरह के मामलों में 2,789 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, ताकि राज्य से इस कुसंस्कार को खत्म किया जा सके।

उन्होंने कहा कि सरकार बाल विवाह के पीड़ितों के लिए राहत एवं पुनर्वास पैकेज मुहैया कराएगी। राज्यपाल ने राज्य की वित्तीय स्थिति पर कहा कि मेरी सरकार इस साल पांच लाख करोड़ रुपए के जीएसडीपी (सकल राज्य घरेलू उत्पाद) को पार कर एक नया इतिहास रचने के प्रति आश्वस्त है। राज्य सरकार की ओर से इस दिशा में कई कदम उठाए गए हैं और निकट भविष्य में काफी काम किए जाने की संभावनाएं है। कटारिया ने कहा कि असम सरकार असमिया संस्कृृति को विश्व पटल पर रखने के लिए 14 अप्रैल को बड़े पैमाने पर एक बिहू नृत्य कार्यक्रम का आयोजन किया करेगी। उल्लेखनीय है कि नव नियुक्त राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया का मुख्यमंत्री डॉ.हिमंत विश्वशर्मा और असम विधानसभा के अध्यक्ष विश्वजीत दैमारी ने स्वागत कर सदन में लाए। राज्यपाल ने पहली बार असम विधानसभा के बजट सत्र में अपना संक्षिप्त अभिभाषण रखे।