डिजिटल डेस्क: भारत दुनिया का आठवां सबसे प्रदूषित देश है, हालांकि प्रदूषण की रैंकिंग में 3 पायदान का सुधार हुआ है। भारतीय शहरो में पर्टिकुलेट मैटर 2.5, 53.3 माइक्रोग्राम/क्यूबिक मीटर मिला है,और यह विश्व स्वास्थ्य संगठन की सुरक्षित सीमा से 10 गुना अधिक है। रिपोर्ट के मुताबिक 131 देशों के डेटा के आधार पर बनाई की गई हैरिपोर्ट में बताया गया है कि दुनिया में प्रदूषित देशों की लिस्ट में पहला स्थान चाड का है,इसके बाद इराक, पाकिस्तान, बहरीन, बांग्लादेश, बुर्किना फासो, कुवैत, भारत, मिस्र और तजाकिस्तान है।
अगर शहरों की बात की जाए जो टॉप 100 में भारतीय शहर की संख्या सबसे ज्यादा हैं। रिपोर्ट में 7,300 शहरों को शामिल किया गया है.वर्ल्ड एयर क्वालिटी रिपोर्ट के अनुसार, टॉप 10 प्रदूषित शहरों में छह भारतीय शहर हैं, जबकि 20 में 14 और 50 में 39 शहर प्रदूषण से ग्रसित हैं,वहीं, टॉप 100 में 65 शहर सबसे प्रदूषित हैं। नई रिपोर्ट में दिल्ली और नई दिल्ली दोनों शीर्ष 10 में हैं,पाकिस्तान में लाहौर और चीन में होतान शीर्ष दो सबसे प्रदूषित शहर हैं, जिसके बाद राजस्थान का भिवाड़ी और दिल्ली चौथे स्थान पर है। दिल्ली का पीएम 2.5 स्तर 92.6 माइक्रोग्राम मिला है, जोकि सुरक्षित सीमा से लगभग 20 गुना ज्यादा है।
दिल्ली के बाद कोलकाता सबसे अधिक प्रदूषित:
देश के अन्य महानगरों की बात की जाए तो कोलकाता दिल्ली के बाद सबसे अधिक प्रदूषित है, तथा चेन्नई में प्रदूषण तुलनात्मक रूप से फिर भी ठीक है क्योंकि यहां प्रदूषण विश्व स्वास्थ्य संगठन के सुरक्षित स्तर से ‘सिर्फ’ 5 गुना ज्यादा है। प्रदूषण के स्तर में 2017 के बाद से हैदराबाद और बेंगलुरु में औसत से अधिक वृद्धि देखी गई हैं,और रिपोर्ट के अनुसार, वायु प्रदूषण के चलते भारत बड़ा आर्थिक नुकसान है,उसका 150 बिलियन डॉलर का घाटा हुआ है। ट्रांसपोर्ट सेक्टर सबसे ज्यादा प्रदषण फैलाता था, जोकि 20 से 35 फीसदी है, इसके अलावा इंडस्ट्री, कोयला से चले वाले पावर प्लांट और बायोमास से शहरों की फिजा जहरीला हो रही है।