डिजिटल डेस्क: जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गुजरात के ठग किरण पटेल को गिरफ्तार किया है, जो खुद की पहचान प्रधानमंत्री कार्यालय में अतिरिक्त निदेशक की बताई और हाई-प्रोफाइल सुरक्षा प्रोटोकॉल का जमकर आनंद उठाया और कश्मीर घाटी के एक फाइव स्टार होटल में कई बार ठहरा। ये पुराना ठग है और पहले हवालात की हवा खा चुका है,साथ ही साथ रिटायर डिप्टी एसपी, एक पुलिस इंस्पेक्ट और दो पुलिस सब इंस्पेक्टर को चूना लगा चुका है यह ठग। 

रिटायर्ड डीएसपी एमके परमार ने 78 लाख रुपए की ठगी के बारे में बात करते हुए कहा, ‘मैं किरण पटेल और उसके भाई मनीष पटेल के परिवार को सालों से जानता हूं,फरवरी 2017 में मनीष मेरे पास आया और बताया कि वडताल स्वामीनारायण मंदिर के महंत स्वामी मेरे परिचित हैं और उन्हें मंदिर में संतों के लिए कार चाहिए,इसके लिए आपको 25 से 30 हजार रुपए मिलेंगे और मनीष और किरण पटेल मेरी कार ले गए और मेरे जैसे रिटायर्ड पुलिस अधिकारी दोस्तों ने कुल 18 कारों को वडताल मंदिर में किराए पर दिया। उन्होंने आगे कहा कि, ‘उसके बाद किरण हर महीने किराया देने से मना करने लगा और उसके बाद मनीष और उसकी पत्नी दोनों के फोन स्विच ऑफ हो गए और हम सब परेशान हो गए क्योंकि हमें पता नहीं चला कि 18 कारें कहां हैं,हमने किरण पटेल से बात की, तो किरण ने हमें बताया कि कारों की कुल कीमत लगभग एक करोड़ रुपये है और इसके बाद उसने दो चेक दिए जोकि 40 लाख और 38 लाख के थे,कुल मिलाकर 78 लाख रुपए के चेक दिए।’

किरण पटेल को पुलिस ने लिया हिरासत में:

रिटायर्ड डीएसपी एमके परमार ने कहा, ‘किरण ने जिस बैंक खाते के चेक दिए थे, उसकी जांच करने पर पता चला कि उसके बैंक खाते में केवल 113 रुपए ही है,और जब हमने फिर से किरण से संपर्क किया और उसे अपनी कार वापस करने के लिए कहा तो वह हम पर भड़क गया और हमसे कहा कि तुम जो कर सकते हो करो, इसलिए हमें आखिरकार पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवानी पड़ी।  इस मामले में किरण पटेल को अहमदाबाद पुलिस ने साल 2019 में हिरासत लिया था, जबकि उसका भाई मनीष, भाभी दर्शना पुलिस के हाथ नहीं लगी।’