गुवाहाटी : अदालत के फैसले के बाद राहुल गांधी को लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित किए जाने के विरोध में बुधवार को कांग्रेस के विधायकों ने जहां सदन से बाहर काले कपड़े पहनकर मार्च निकाला वहीं वे काले कपड़े पहनकर सदन के अंदर भी गए और प्रश्रकाल खत्म होने के बाद कार्य स्थगन प्रस्ताव लाकर इस मुद्दे पर चर्चा करने की मांग करने लगे और बाद में असम विधानसभा में जमकर हंगामा किया। हंगामे के कारण विधानसभा अध्यक्ष विश्वजीत दैमारी ने 15 मिनट के लिए दो बार सदन की कार्यवाही स्थगित की और कांग्रेस के दो विधायकों एवं अखिल गोगोई को दिन भर के लिए सदन की कार्यवाही से निलंबित कर दिया।
नेता प्रतिपक्ष देवब्रत सैकिया के कार्य स्थगन प्रस्ताव का विरोध करते हुए मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने आश्चर्य जताते हुए कि क्या कांग्रेस राहुल गांधी के विचारों का विरोध नहीं कर रही है, जिन्होंने (राहुल) उस अध्यादेश की प्रति फाड़ दी थी, जो उन्हें बचा सकता था। मुख्यमंत्री समेत सरकार की ओर से विरोध के बाद विधानसभा अध्यक्ष दैमारी ने कार्य स्थगन प्रस्ताव को खारिज कर दिया। उल्लेखनीय है कि बुधवार को जैसे ही प्रश्नकाल खत्म हुआ, विस अध्यक्ष दैमारी ने नेता प्रतिपक्ष देवब्रत सैकिया को नोटिस का जिक्र करने और प्रस्ताव की स्वीकार्यता पर बोलने को कहा। कांग्रेस नेता सैकिया ने कहा कि हम भारत की राष्ट्रपति को संविधान की रक्षा करने का अनुरोध करते हुए एक प्रस्ताव भेजना चाहते हैं। संविधान सभी के लिए समान है और कार्यपालिका को इसकी रक्षा के लिए निष्पक्ष रूप से कार्य करना चाहिए।
संसद सदस्यता से अयोग्यता के संबंध में संविधान में विभिन्न अनुच्छेदों का उल्लेख करते हुए सैकिया ने जोर दिया कि गांधी की अयोग्यता में संविधान का उल्लंघन हुआ है। प्रस्ताव पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि यह अभूतपूर्व है कि हम यहां न्यायिक मामले पर अपने विचार रख रहे हैं। मैं जानता हूं कि बीती रात कांग्रेस विधायक दल की बैठक में यहां हंगामा करने के बारे में फैसला किया गया। कांग्रेस विधायक दल के उपनेता रकिबुल हुसैन ने जब इस बयान का विरोध किया तो शर्मा ने बाद में बाद में अपने दावे के इस हिस्से को वापस ले लिया कि विपक्षी दल के किसी व्यक्ति ने उन्हें उनकी योजनाओं के बारे में मंगलवार की रात सूचित किया था। मुख्यमंत्री को अपना भाषण बीच में ही बंद करना पड़ा और इसे लेकर कांग्रेस विधायकों ने विरोध करते हुए हंगामा किया तथा इसके बाद ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एयूआईडीएफ), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) एवं अन्य विपक्षी सदस्य एवं अखिल गोगोई आसन के सामने आ गए। उन्होंने राहुल गांधी, संविधान और लोकतंत्र के पक्ष में नारे लगाए और उनके समर्थन में लिखे नारों वाली तख्तियां दिखाईं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्य भी आसन के सामने आ गए और उन्होंने गांधी की आलोचना करते हुए नारे लगाए।
दैमारी ने फिर से सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित कर दी। विधानसभा अध्यक्ष ने फिर चर्चा के लिए सदन के पटल पर अगला विषय रखा और स्थायी समिति की विभिन्न रिपोर्ट को पेश करने की अनुमति दी। जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो मुख्यमंत्री डा. शर्मा जवाब देने के लिए उठे जिस पर विपक्ष के सदस्यों ने यह कहकर आपत्ति जताई कि मामला अब खत्म हो गया है, लेकिन मुख्यमंत्री ने सदन की बैठक आधी रात तक चलाकर जवाब देने की ठान ली तो, कांग्रेस विधायक और निर्दलीय सदस्य अखिल गोगोई फिर से तख्तियां दिखाते हुए आसन के सामने पहुंच गए। अध्यक्ष द्वारा बार-बार कहे जाने पर भी गोगोई और अन्य अपनी सीट पर नहीं गए। इस पर अध्यक्ष ने गोगोई को पूरे दिन के लिए निलंबित कर दिया और मार्शल से उन्हें बाहर ले जाने को कहा। इसके बाद अध्यक्ष ने कांग्रेस विधायकों-कमलक्ष्य दे पुरकायस्थ और जाकिर हुसैन सिकदर को भी दिन भर के लिए सदन की कार्यवाही से निलंबित कर दिया।
विधानसभा के मार्शल इन तीनों विधायकों को सदन से बाहर ले गए। मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि मैं अखिल गोगोई और कमलक्ष्य दे पुरकायस्थ को पांच अप्रैल तक, सदन की पूरी बैठक के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव रखता हूं। असम विधानसभा का बजट सत्र पांच अप्रैल को पूरा होने वाला है। हालांकि विस अध्यक्ष मुख्यमंत्री के प्रस्ताव को नहीं माने और उन्हें दिन भर के लिए सदन से निलंबित कर दिया। अंत में मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के प्रदर्शनों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कल अगर अदालत मुझे किसी चीज में दोषी ठहराती है, तो क्या भाजपा विधायक काले कपड़े पहनेंगे और प्रदर्शन करेंगे? नहीं। हम उच्च न्यायालय, सर्वोच्च न्यायालय, सत्र न्यायालय जाएंगे, लेकिन हम न्यायपालिका की अवहेलना नहीं करेंगे। यह प्रवृत्ति भारतीय लोकतंत्र के लिए अच्छी नहीं है। उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण साफ हो गया है कि कांग्रेस के नेता राहुल गांधी आज भी भारतीय राजनीति में परिपक्व नहीं है।