डिजिटल डेस्क: आज सुप्रीम कोर्ट ने एक समाचार चैनल से जुड़े मामले में सुनवाई करते हुए गंभीर टिप्पणी कि है तथा कहा कि मीडिया का स्वतंत्र रहना बहुत जरूरी है और सरकार की नीतियों की आलोचना करना राष्ट्र विरोधी नहीं करार दिया जा सकता है, वही कोर्ट ने मीडिया को भी नसीहत देते हुए कहा कि प्रेस की जिम्मेदारी बनती है की वो सच को सामने रखे।
लोकतंत्र मजबूत रहे इसलिए मीडिया का स्वतंत्र रहना जरूरी है तथा उससे ये उम्मीद नहीं की जाती है कि और वो सिर्फ सरकार का पक्ष रखे।
दरअसल मलयालम न्यूज चैनल पर पर गृह मंत्रालय द्वारा सुरक्षा मंजूरी नहीं मिलने की वजह से केंद्र सरकार ने उसके प्रसारण लाइसेंस का नवीनीकृत करने से केंद्र सरकार ने इंकार कर दिया था तथा जिस को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी।