गुवाहाटी : असम सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क आदि विभाग के मंत्री पीयूष हजारिका ने आज असम-अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती सिजुसा अंचल का दौरा कर अरूणाचल प्रदेश के  मंत्री मामा नाटुंग की नेतृत्व वाली क्षेत्रीय समिति के सदस्यों के साथ सीमा समस्या के समाधान संबंधी एक विशेष बैठक में भाग लिया। मंत्री ने असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच सीमा मुद्दे के बारे में जानने के लिए सतिया विधानसभा क्षेत्र के विधायक पद्म हजारिका और बिश्वनाथ जिला प्रशासन के साथ सिजुसा क्षेत्र का दौरा किया। मालूम हो कि असम के मुख्यमंत्री डॉ हिमंत विश्वशर्मा और अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू के बीच अरुणाचल प्रदेश के नामसाई में हुए समझौते के बाद गठित कई क्षेत्रीय समितियों ने सीमांचल का दौरा कर दोनों राज्यों के बीच की सीमा समस्या का स्थायी समाधान की कोशिश करती रही है।

मंत्री पीयूष हजारिका की अध्यक्षता वाली क्षेत्रीय समिति ने भी पूर्व में कई सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा किया और बैठकों में शामिल होने के बाद असम के बिश्वनाथ जिला (वर्तमान शोणितपुर) और अरुणाचल प्रदेश के पाके किसांग  जिले के बीच विवादास्पद बालिसो, दिपिको, पासो और दिकालमुख में आपसी समझौते के तहत सीमा समस्या के स्थायी समाधान के क्षेत्र में लगभग अंतिम स्तर तक पहुंची है। दोनों समितियों की हाल ही गुवाहाटी में हुई एक बैठक में सिजुसा क्षेत्र को लेकर कुछ समस्या रहने का जिक्र हुआ तो आज दोनों समितियों ने उक्त अंचल का दौरा किया और एक बैठक की। बैठक के बाद मंत्री पीयूष हजारिका ने संवाददाताओं से कहा कि कई वर्षों से अरुणाचल प्रदेश के सरकारी बुनियादी ढांचे के बावजूद क्षेत्र के तीन छोटे स्थान कागज पर असम के अधिकार क्षेत्र में हैं।

बैठक में इन जगहों को अरुणाचल प्रदेश को देने और अरुणाचल प्रदेश की उतनी ही जमीन असम को अन्य जगहों पर मिलाने पर सहमति बनी। मंत्री ने कहा कि दोनों समितियां दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगी। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में कोई विवाद नहीं है और इस मुद्दे को आपसी समझ से आसानी से सुलझाया जा सकता है। बैठक में अरुणाचल प्रदेश के मंत्री मामा नाटुंग के साथ विधायक बियूराम वाघे और अन्य अधिकारियों ने भाग लिया।