डिजिटल डेस्क: रूस से जंग के बीच यूक्रेन ने भारत से मानवीय सहायता की मांग की है और इसके लिए यूक्रेनी राष्ट्रपति व्लोदोमीर जेलेंस्की ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है और विदेश मंत्रालय ने आज इसकी जानकारी दी हैं।भारत दौरे पर आईं यूक्रेन की डिप्टी विदेश मंत्री एमिन झापारोवा ने जेलेंस्की की इस चिट्ठी को विदेश और संस्कृति राज्य मंत्री मिनाक्षी लेखी को सौंपी।इस चिट्ठी में राष्ट्रपति जेलेंस्की ने भारत से अतिरिक्त मानवीय सहायता की मांग की है और इसमें मेडिसिन और मेडिकल इक्विपमेंट जैसी चीजों की भी मांग की गई है।
विदेश और संस्कृति राज्य मंत्री मिनाक्षी लेखी ने ट्वीट कर कहा कि भारत ने यूक्रेन को मानवीय सहायता देने का आश्वासन दिया है और यूक्रेनी मंत्री जापारोवा ने सोमवार को कहा था रूस के साथ युद्ध को सुलझाने में भारत हमारी मदद करें।
भारत को यूक्रेन ने बताया ग्लोबल लीडर:
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और अन्य अधिकारियों के दौरे की भी बात कही है और उन्होंने यह भी कहा कि यूक्रेन अन्य देशों के साथ अपने आर्थिक संबंधों पर भारत को निर्देश देने की स्थिति में नहीं है।एमिन जापारोवा ने भारत को ग्लोबन लीडर बताया तथा उन्होंने भारत को विश्वगुरु बताते हुए कहा कि वैश्विक चुनौतियों को रोकने में भारत एक अहम रोल अदा कर सकता है।
एमिन झापारोवा ने भारत को बताया ‘विश्वगुरु’:
यूक्रेन की प्रथम उप विदेश मंत्री एमिन झापारोवा ने कहा, ‘मुझे लगता है कि भारत एक वैश्विक प्लेयर है और यह वास्तव में दुनिया का ‘विश्वगुरु’ है। हम वास्तव में मूल्यों के लिए लड़कर दर्द महसूस कर रहे हैं तथा रूस मेरे देश के अस्तित्व पर सवाल उठा रहा है और हमारे 1500 साल के इतिहास में यूक्रेन ने कभी किसी देश पर हमला नहीं किया।’
इस दौरान जापारोवा ने पाकिस्तान और चीन का भी जिक्र किया और उन्होंने कहा कि भारत अपने दोनों पड़ोसी देश से परेशान है तथा इस समय दोनों देशों से उनके रिश्ते अच्छे नहीं है और ऐसे में भारत को क्रीमिया से सबक लेना चाहिए।
यूक्रेन भारत के साथ करीबी रिश्ता चाहता है -
वहीं, उन्होंने एमिन जापारोवा ने पीएम मोदी के उस बयान का जिक्र किया, जो उन्होंने उजबेकिस्तान के समरकंद में पुतिन के साथ बातचीत में कहा था,और प्रधानमंत्री ने रूसी राष्ट्रपति से कहा था कि ‘आज का समय युद्ध का नहीं है।उन्होंने आगे कहा मैं यूक्रेन से एक मैसेज लेकर भारत आई हूं और हम चाहते हैं भारत हमारे और करीब आए तथा हमारे बीच एक अलग इतिहास है लेकिन हम भारत के साथ नए संबंध को स्थापित करना चाहते हैं।