डिजिटल डेस्क: भारत G20 की अध्यक्षता कर रहा है और आज वाराणसी में कृषि प्रमुख वैज्ञानिकों की बैठक के साथ अपना 100वां आयोजन कर रहा है और वहीं, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय हैदराबाद में आज से 19 अप्रैल तक जी-20 डिजिटल अर्थव्यवस्था कार्यकारी समूह की दूसरी बैठक आयोजित कर रहा है, जहां कई मुद्दों पर चर्चा की जा रही है।  G-20 इंडिया एक जन आंदोलन बना हुआ है, जिसमें 12000 से अधिक प्रतिनिधियों हिस्सा ले रहे हैं और शानदार अनुभव प्रदान किया जा रहा है और साथ ही साथ दुनिया को भारत के हर कोने में पहुंचाया गया है।

अधिकारियों का कहना है कि हैदराबाद में हो रही बैठक में मुख्य रूप से डिजिटल कनेक्टिविटी पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा और इसमें विषयगत क्षेत्रों पर तीन पैनल चर्चा करें और ग्लोबल एक्सपर्ट इमर्जिंग एंड टेलीकॉम टेक्नोलॉगी व टेक्नोलॉजी आधारित समावेशी विकास में अपने अनुभव साझा करेंगे।  इस बैठक के उद्घाटन कार्यक्रम को केंद्रीय संचार राज्य मंत्री देवुसिंह चौहान और केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण राज्य मंत्री ए नारायणस्वामी संबोधित किया है।

बैठकों के दूसरे और तीसरे दिन, G20 सदस्य देशों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के आमंत्रित अतिथि प्राथमिकता वाले क्षेत्रों जैसे डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, साइबर सुरक्षा और डिजिटल स्किलिंग में एक्सनेबल डिलिवरेबल्स पर व्यापक रूप से चर्चा करेंगे और साथ ही साथ प्रतिनिधि हैदराबाद के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान  में भी जाएंगे। यहां वे 5जी-आई, 6जी, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और नागरिकों के कल्याण से संबंधित तमाम चीजों को भारत के एक्सपर्ट समझेंगे।

G20 के प्रतिनिधि गंगा आरती में भी लेंगे भाग:

19 अप्रैल तक  बनारस में आयोजित हो रही बैठक में दुनिया के 20 प्रमुख देशों के प्रतिनिधि और अन्य भागीदार देशों के प्रतिनिधि भाग लिया और G20 आयोजनों का भव्य आयोजन करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने शानदार तैयारी की है। अधिकारियों का कहना है कि बैठक में विश्व को स्वस्थ रखने के लिए पौष्टिक आहार, खाद्य सुरक्षा और पर्यावरण के अनुकूल खेती को बढ़ावा देने का संदेश दिया जाएगा। इसके अलावा जी20 के प्रतिनिधि काशी में विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती में भी भाग लिया और बनारस के पारंपरिक हस्तशिल्पियों का हुनर भी दुनियाभर के सामने रखा जाएगा, जोकि विश्व ख्याति प्राप्त करेगा।