गुवाहाटी : मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा ने शनिवार को नई दिल्ली के द्वारका में तीसरे असम भवन का शिलान्यास किया। डॉ. शर्मा ने असम भवन का शिलान्यास करते हुए कहा कि मुख्य रूप से इलाज के लिए असम से दिल्ली आने वाले लोगों के लिए इस भवन का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही इसमें दिल्ली के प्रमुख संस्थानों में नामांकन के लिए आने वाले छात्रों के ठहरने की व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाएगी। तीन बेसमेंट वाले चार मंजिला असम भवन में 18 कमरे और तीन डॉर्मिटॉरी भी होंगे। नया ‘असम हाउस’ 1,000 वर्ग मीटर के भूखंड पर 21.66 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से बनाया जाएगा। इसका निर्माण 18 माह में पूरा कर लिया जाएगा। इस संदर्भ में सीएम डॉ. शर्मा ने राज्य के लोक निर्माण विभाग को आवश्यक निर्देश जारी किए। शिलान्यास समारोह में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अक्सर इलाज के लिए वेल्लोर जाने वाले रोगियों के लिए भी असम हाउस जून में अपने दरवाजे खोलेगा।

बेंगलुरु में भी असम हाउस का निर्माण इसी साल पूरा हो जाएगा। कोलकाता में पुराने असम हाउस को तोड़कर नया बनाया जाएगा। सीएम ने कहा कि राज्य सरकार ने असम के साथ-साथ असम के बाहर भी कई परियोजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने कहा कि असम सरकार दिल्ली और मुंबई में एक-एक असम परियोजना स्थापित करने की तैयारी कर रही है। असम परियोजना में नामघर, कामाख्या मंदिर, वटद्रवा थान, रंगघर आदि के लघु संस्करणों का निर्माण कर असम की कला और संस्कृति का एक व्यापक धारणा प्रस्तुत की जाएगी। गौरतलब है कि दिल्ली में तीसरे असम हाउस की आधारशिला रखने से पहले मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा ने शनिवार सुबह 9 तिनमूर्ति लेन स्थित अपने सरकारी आवास पर गृह प्रवेश समारोह आयोजित किया।

डॉ. शर्मा ने कहा कि असम के मुख्यमंत्री को आमतौर पर दिल्ली में सरकारी आवास मिलता है। इसलिए मुख्यमंत्री के रूप में मुझे भी एक सरकारी आवास मिला है। गौरतलब है कि दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई का भी तिनमूर्ति लेन में सरकारी आवास था।  वहीं बता दें कि पुराना ‘असम हाउस’ और असम भवन चाणक्यपुरी में स्थित हैं। लोकप्रिय गोपीनाथ बरदलै मार्ग पर पुराने ‘असम हाउस’ का कुछ साल पहले पुनर्निर्माण किया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि असम में आंदोलन और विरोध के दिन अब खत्म हो गए हैं और राज्य निर्माण के विभिन्न चरणों में सड़क, फ्लाईओवर और पुल जैसी कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 24 मेडिकल कॉलेजों के निर्माण का निर्णय लिया है, जिनमें से 12 का काम पहले ही पूरा हो चुका है।