नई दिल्ली : सिख फॉर जस्टिस के संस्थापक पन्नू की ओर से जारी एक नई ऑडियो क्लिप में खालिस्तानी प्रचारक और वारिस पंजाब डे के प्रमुख अमृतपाल सिंह की गिरफ्तारी के खिलाफ में सिखों से 29 अप्रैल को खालिस्तान घोषणा दिवस के रूप में मनाने का आग्रह किया गया है। अमरीका स्थित प्रो-खालिस्तानी समूह के संस्थापक गुरपतवंत सिंह पन्नू ने असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर खालिस्तानी समर्थकों के खिलाफ कथित कार्रवाई के लिए जमकर निशाना साधा।
पन्नू ने पंजाब की पूर्व मुख्यमंत्री और भारत की दिवंगत प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की आस्था की याद दिलाते हुए बुलेट से नहीं बल्कि बैलेट से पंजाब को आजाद कराने का वादा किया है। पन्नू ने नए ऑडियो क्लिप में कहा कि पको निकट भविष्य में जवाबदेह ठहराया जाएगा। जेल में बंद सिख 29 अप्रैल को खालिस्तान घोषणा दिवस के रूप में मनाएंगे। इस मुद्दे का अंतर्राष्ट्रीयकरण करने के लिए सिखों को डिब्रूगढ़ जेल में खालिस्तान कार्यक्रम को बढ़ावा देना चाहिए।
सीएम शर्मा के खिलाफ लड़ाई के लिए 23 मई को सिडनी, ऑस्ट्रेलिया में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। सिख अपने दुश्मनों को कभी नहीं भूलते या माफ नहीं करते। इस समय बुलेट से नहीं बल्कि बैलेट से और बैलेट से हम पंजाब को आजाद कराएंगे और भारतीय व्यवस्था को खत्म कर देंगे। यहां यह बताना जरूरी है कि खालिस्तानी प्रचारक अमृतपाल सिंह ने एक महीने तक पीछा करने के बाद 23 अप्रैल को मोगा में पंजाब पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था। बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया और डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल ले जाया गया जहां उसके चाचा सहित नौ सहयोगी बंद हैं।