गुवाहाटी : अमृतपाल सिंह को गिरफ्तार करने के बाद असम की डिब्रूगढ़ जेल में कैद किया गया है। आपको बता दें कि अमृतपाल के 9 सहयोगी दलजीत सिंह कलसी, पापलप्रीत सिंह, कुलवंत सिंह धालीवाल, वरिंदर सिंह जौहल, गुरमीत सिंह बुक्कनवाला, हरजीत सिंह, भगवंत सिंह, बसंत सिंह और गुरिंदरपाल सिंह औजला को भी  डिब्रूगढ़ जेल में ही रखा गया है। इन सभी पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत सख्त धाराओं के तहत आरोप लगाया गया है। इसको लेकर पुलिस का कहना है कि यह एनएसए का विषय है जिस वजह से उसे डिब्रूगढ़ ले जाया गया है।

अमृतपाल सिंह को आतंकवादी जरनैल सिंह भिंडरावाले रोडे गांव से गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले अमृतपाल को इसी गांव में आयोजित एक समारोह में वारिस पंजाब दे संगठन का प्रमुख बनाया गया था। अमृतपाल सिंह के असम में लाए जाने के बाद डिब्रूगढ़ जेल को भारी किलेबंद कर दिया गया है। असम में अल्फा उग्रवाद के चरम के दौरान शीर्ष उग्रवादियों को रखने के लिए इस जेल का इस्तेमाल किया गया था। डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल को राज्य की सबसे सुरक्षित जेल और पूर्वोत्तर भारत की सबसे पुरानी जेलों में से एक माना जाता है। यह भी कहा जाता है कि कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के कारण किसी भी कैदी का जेल से भागना मुश्किल होगा।

मामले से जुड़े लोगों के मुताबिक, पंजाब सरकार ने शुरू में अमृतपाल के सहयोगियों को दिल्ली की तिहाड़ जेल भेजने को सोचा था, लेकिन दिल्ली की जेल में कई पंजाबी गैंगस्टर, यहां तक कि कुछ अलगाववादी भी हैं, इसलिए सरकार ने उन्हें असम भेजने का फैसला किया।  फिलहाल पिछले एक महीने में डिब्रूगढ़ जेल की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। सीआरपीएफ के जवान चौबीसों घंटे जेल की रखवाली कर रहे हैं, जिसमें असम पुलिस के कमांडो भी हैं। 57 सीसीटीवी कैमरे जेल के अंदर कैदियों और जेल गेट पर आगंतुकों की आवाजाही पर नजर रखते हैं।