गुवाहाटी : आगामी लोकसभा चुनाव में एआईयूडीएफ के लिए दरवाजे बंद हैं। गुरुवार को गुवाहाटी पहुंचे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव और असम प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी जितेंद्र सिंह ने कहा कि एआईयूडीएफ का कांग्रेस से कोई लेना-देना नहीं है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) ने डेढ़ साल पहले ही फैसला कर चुका है कि 2024 के लोकसभा चुनावों में एआईयूडीएफ के साथ कोई गठबंधन नहीं होगा। आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारी के लिए दो दिवसीय दौरे पर गुवाहाटी पहुंचे असम कांग्रेस के प्रभारी जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को राजीव भवन में कदम रखते ही संवाददाताओं के सामने माइनस एएयूडीएफ प्लस 11 की घोषणा की।
गौरतलब है कि एआईयूडीएफ नेतृत्व ने टिप्पणी की थी कि अगर कांग्रेस एआईयूडीएफ के बिना चुनाव लड़ती है तो उसे शून्य सीटें मिलेंगी। एआईयूडीएफ नेतृत्व की टिप्पणी के बारे में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए जितेंद्र सिंह ने कहा कि हम इस बात से चिंतित नहीं हैं कि एआईयूडीएफ हमारे बारे में क्या कहता है। गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेन बोरा, उपाध्यक्ष राणा गोस्वामी, कांग्रेस विधायक दल के नेता देवव्रत सैकिया, उपाध्यक्ष रकीबुल हुसैन, महिला कांग्रेस अध्यक्ष मीरा बरठाकुर, मानस बोरा सहित अन्य कांग्रेसी नेताओं ने राजीव भवन में ढोल-बाजे तथा बिहू हुचरि के साथ जितेंद्र सिंह का स्वागत किया। गुरुवार को राजीव भवन के पहले कार्यक्रम के रूप में जितेंद्र सिंह ने राज्य के डिफू, करीमगंज, धुबरी और कोकराझाड़ लोकसभा क्षेत्रों के पार्टी नेताओं के साथ अलग-अलग दिन भर चर्चा की।
इस बैठक के बाद लोकसभा चुनाव में माइनस एआईयूडीएफ प्रसंग को लेकर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष भूपेन बोरा ने कहा कि एआईयूडीएफ के साथ कांग्रेस के गठबंधन न होने पर सिर्फ सीएम डॉ हिमंत विश्व शर्मा ही चिंतित हो रहे हैं। अगली बार धुबड़ी में बदरुद्दीन अजमल हार जाएंगे इस ङ्क्षचता में मुख्यमंत्री की आंखों की नींद हराम हो गई है। भूपेन बोरा ने कहा कि भाजपा अपने सहयोगी दलों एजीपी और यूपीपीएल को सीट छोडऩी है या नहीं इस पर फैसला नहीं कर सकती लेकिन धुबड़ी छोडऩे की घोषणा पहले ही कर चुके हैं।