डिब्रूगढ़ : पूरे असम और देश को झकझोर देने वाली डॉ. सरिता तोषनीवाल हत्याकांड की अंतिम सुनवाई करते हुए डिब्रूगढ़ जिला अदालत ने आरोपी किरु मेच को दोषी करार दिया,जबकि मामले के मुख्य आरोपी डॉ. दीपमणि सैकिया को बरी कर दिया। दूसरी तरफ डॉ. सरिता तोषनीवाल के परिजनों ने अदालत के इस निर्णय पर असंतुष्टि व्यक्त की। डॉ सरिता तोषनीवाल के सरकारी वकील श्यामल दत्त ने बताया कि डिब्रूगढ़ जिला अदालत ने मामले में 152 पन्नों के फैसले में आरोपी किरु मेच को दोषी करार दिया। धारा 302 के तहत उसे दोषी करार देते हुए अदालत ने उसे जेल भेज दिया। आरोपी किरु मेच को कल अदालत सजा सुनाएगी, जबकि सबूतों के अभाव में अदालत ने डॉ. दीपमणि सैकिया को बरी कर दिया।
अधिवक्ता श्यामल दत्त ने बताया कि आरोपी डॉ. दीपमणि को बरी किया गया, लेकिन वह मामले का मुख्य आरोपी है। इसलिए वे ऊपरी अदालत में जाने का प्रयास करेंगे, वहीं आरोपी किरु मेच व आरोपी दीपमणि सैकिया के अधिवक्ता श्यामल दास ने बताया कि जिला अदालत ने डॉ दीपमणि सैकिया को मामले में बरी कर दिया, वहीं किरु मेच को दोषी करार दिया। कल किरु मेच को लेकर जिला अदालत जो सजा सुनाएगी।
दूसरी तरफ डॉ. सरिता तोषनीवाल हत्याकांड मामले पर आज डिब्रूगढ़ जिला न्यायालय की ओर से दिए गए फैसले पर डॉ. सरिता तोषनीवाल के परिजनों ने असंतुष्टि व्यक्त की। डॉ सरिता तोषनीवाल के भाई सुशील तोषनीवाल ने इस प्रहरी संवाददाता से बातचीत करते हुए बताया कि हत्याकांड मामले के खुलासे के बाद ही किरु मैच को गिरफ्तार किया गया था जहाँ उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया था। जब हत्याकांड के मास्टर माइंड दीपमणि सैकिया को रिहा ही करना था तो उसी समय उसे सजा दे दी जाती तो 9 साल का लंबा इंतजार तो नहीं करना पड़ता। जिला अदालत के रायदान के बाद वे उच्च न्यायालय के जाएंगे।
गौरतलब हो कि 9 मई 2014 को डॉ. दीपमणि सैकिया और वार्ड बॉय किरू मेच द्वारा कथित तौर पर ड्यूटी के दौरान असम मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अंदर डॉ. सरिता तोषनीवाल की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी । सरिता इंटेंसिव केयर यूनिट के डॉक्टर के केबिन में मृत पाई गईं। मृतक का शव कंबल से ढका हुआ था और केबिन के अंदर बिस्तर पर पड़ा हुआ था। उक्त हत्याकांड में डिब्रूगढ़ पुलिस ने विभाग के वार्ड बॉय किरू मेच को गिरफ्तार किया, जिसने बाद में अपराध कबूल कर लिया और उसके बाद इस मामले में दीपमणि सैकिया को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।