डिजिटल डेस्क: असम पुलिस में सब-इंस्पेक्टर रहीं जोनमोनी राभा की मौत अब राजनीतिक रुख कर रहा है, तथा कांग्रेस ने मांग की है कि पुलिस अधिकारी की मौत के मामले की जांच का जिम्मा सीबीआई को दिया जाना चाहिए और वहीं, असम के मुख्यमंत्री हिमंत विस्व शर्मा का कहना है कि पुलिस अधिकारी के परिवार को सीबीआई जांच का ऑप्शन दिया जाएगा अगर उनके परिवार वाले चाहें तो। अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की वजह से जूनमोनी राभा को ‘लेडी सिंघम’ के तौर पर जाना जाता था।

मुख्यमंत्री शर्मा का कहना है कि सीआईडी की एक टीम जूनमोनी राभा के परिवार के साथ संपर्क में रहेगी और  ये टीम उन्हें मामले में हो रही जांच की सभी जानकारियों को उन्हें मुहैया कराएगी। सीएम का आगे यह  कहना है कि अगर इसके बाद भी परिजनों को लगता है कि वे जांच से संतुष्ट नहीं हैं, तो हम इस मामले को सीबीआई को सौंप देंगे और हम इस पर कोई आपत्ति भी नहीं है। 

मौत से पहले दर्ज हुआ था केस:

दरअसल, असम पुलिस में सब-इंस्पेक्टर जोनमोनी राभा की मंगलवार तड़के एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई तथा असम के नौगांव जिले में उनका वाहन एक कंटेनर ट्रक से जा टकराया, जिसमें उनकी मौत हुई। हादसे वाली रात से पहले जोनमोनी राभा के ऊपर जबरन वसूली और डकैती का केस दर्ज किया गया था तथा एक महिला की शिकायत पर उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया था।वहीं, राभा की मौत के बाद उनके परिवार ने मांग की कि इस मामले की जांच निष्पक्ष होनी चाहिए।

हादसे का चश्मदीद आया सामने!

जोनमोनी राभा की मौत के मामले में गुरुवार को एक वीडियो सर्कुलेट होना शुरू हुआ जिसमें एक शख्स ने दावा किया कि वह इस हादसे का चश्मदीद गवाह है। वीडियो में उसको ये दावा करते हुए सुना जा सकता है कि उसने एक छोटी कार और ट्रक के बीच टक्कर होते हुए देखा है।

वह दावा करता है कि राभा अपनी लेन में कार चला रही थीं, मगर सामने से आ रहे ट्रक ने उन्हें टक्कर मारी। उसने  यह भी दावा किया कि घटना से 10 मिनट पहले कार से एक व्यक्ति बाहर निकला था। फिलहाल इस व्यक्ति को पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में लिया गया है।