डिजिटल डेस्क: सिक्किम को साल 2024 में रेल सेवा की बड़ी सौगात मिलने जा रही है और  राज्य से चीन बार्डर जुड़ने के कारण ये और भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पश्चिम बंगाल और सिक्किम के बीच सिवोक-रंगपो रेलवे परियोजना पर काम लगभग पूरा होने वाला है और  इस रेलवे लाइन का निर्माण पश्चिम बंगाल में सिवोक और सिक्किम में रंगपो के बीच किया जा रहा है तथा धीरे-धीरे इसके देश के बाकी हिस्सों से जुड़ने की उम्मीद है।

सिवोक-रंगपो रेलवे प्रोदेक्ट के डायरेक्टर महिंदर सिंह ने कहा कि ये परियोजना 45 किलोमीटर लंबी है और इसमें पांच स्टेशन हैं और इसका बंगाल के तीस्ता बाजार में एक भूमिगत स्टेशन भी है।

45 किलोमीटर लंबी रेल परियोजना:

महिंदर सिंह ने कहा कि सिवोक से रंगपो तक की नई रेल लिंक परियोजना लगभग 45 किलोमीटर लंबी है और इसमें 14 सुरंगें, 22 पुल और 5 स्टेशन शामिल हैं, जिसमें पश्चिम बंगाल के तीस्ता बाजार में एक भूमिगत स्टेशन भी शामिल है। पूरी परियोजना का लगभग 38 किलोमीटर का हिस्सा सुरंगों के माध्यम से आगे बढ़ेगा और वहीं सुरंग निर्माण का लगभग 76 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।

सिक्किम के विकास में बड़ा योगदान:

साथ ही छह सुरंगों की खुदाई पूरी हो चुकी है और कई और पूरी होने वाली हैं और अन्य सुरंगों की अंतिम कंक्रीट लाइनिंग की गई है। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से, नॉर्थ ईस्ट फ्रंटियर रेलवे ने सिक्किम राज्य की कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने की उम्मीद की है और इस साल जनवरी में जारी प्रेस विज्ञप्ति में उत्तर पूर्व सीमांत रेलवे ने कहा था कि ये प्रोजेक्ट सिक्किम के समग्र विकास में बड़ा योगदान देगी।

12,500 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट:

प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया था कि इस क्षेत्र के लोगों को देश भर में लंबी दूरी तक पहुंच प्राप्त होगी और राज्य में आवश्यक सामान आसानी से पहुंचाया जा सकेगा और वहीं इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक बीके गुप्ता ने बताया कि इस प्रजेक्ट की लागत लगभग 12,500 करोड़ रुपए तक पहुंच जाएगी।