डिजिटल डेस्क: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने काग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से विदेश में भारत के लोकतंत्र को लेकर दिए गए बयानों पर पलटवार किया है तथा विदेश मंत्री ने गुरुवार को कहा कि राहुल की यह आदत है, वो जब भी बाहर जाते हैं तो भारत की आलोचना करते हैं, लेकिन ऐसा न तो देश के हित में है और नहीं उनकी विश्वसनीयता के लिए ठीक है और देश की राजनीति को बाहर ले जाना ठीक नहीं है।

विदेश मंत्री ने आगे कहा कि 2024 के चुनाव में भी हमारी सरकार बनेगी, लेकिन चुनाव कभी एक पार्टी जीतती है तो कभी दूसरी पार्टी और यह बताता है कि हमारा लोकतंत्र मजबूत है और दुनिया भी इसे देख रही है। अगर देश में लोकतंत्र नहीं है तो फिर ऐसा परिवर्तन तो नहीं आना चाहिए तथा राहुल को जब देश में कोई नहीं सुनता है तो वो विदेश में जाकर भारत के बारे में कुछ भी बोलते रहते हैं जो देश के हित में नहीं है।

दरअसल, राहुल गांधी 10 दिनों के लिए अमेरिका दौरे पर हैं, जहां वो प्रवासी भारतियों को संबोधित करते हुए भारत के मौजूदा लोकतंत्र पर सवाल उठा चुके हैं और पिछले हफ्ते गुरुवार को अमेरिका में एक कार्यक्रम में बोलते हुए राहुल गांधी ने भारत में लोकतंत्र के बिखराव को लेकर आशंका व्यक्त की थी। उन्होंने  आगे कहा की अगर ऐसा हुआ तो इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा।

‘बेरोजगारी, मंहगाई जैसे मुद्दे पर चर्चा नहीं चाहती बीजेपी’:

इससे पहले सैन फ्रांसिस्को में उन्होंने भारतीयों से मुलाकात के दौरान कांग्रेस के पूर्व सांसद ने देश में नए संसद भवन के उद्घाटन को असली मुद्दों से भटकाने का प्रयास बताया था और उन्होंने केंद्र की सत्ताधारी पार्टी बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा था कि देश में बेरोजगारी, मंहगाई, शिक्षण संस्थानों की कमी के मुद्दों पर भाजपा चर्चा नहीं चाहती है।

इसके साथ-साथ उन्होंने भारतीय मुसलामानों का जिक्र करते हुए कहा कि मुस्लिम समुदाय को लगता है कि मौजूदा समय में उनको ज्यादा टारगेट किया जा रहा है, लेकिन आदिवासी, दलित और सिखों को भी ऐसा ही महसूस हो रहा है और  उन्होंने आगे  यह भी कहा कि हम नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोलेंगे। हम नफरत पर विश्वास नहीं रखते हैं तथा कांग्रेस नेता ने कहा कि भारत में संस्थागत ढांचे पर शिकंजा कसता जा रहा है और  देश में प्रेस की आजादी भी कमजोर हो रही है।