जोरहाट/गोलघाट : भारतीय दूरसंचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के जोरहाट संमंडल के साथ ही गोलाघाट उप संमंडल में वित्तीय धांधली के आरोप में सीबीआई ने आज दोनों जिलों में कुल पंद्रह स्थानों पर छापेमारी की। मालूम हो कि बीएसएनएल के वर्ष 2018-19 के दौरान इंटरनेट सेवाओं के लिए ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाए जाने के समय वित्तीय धांधली का मामला उजागर हुआ था। उस दौरान जोरहाट बीएसएनएल संमंडल के जनरल मैनेजर एचके पवार का नाम इस घोटाले में सामने आया था, जिसके बाद इस मामले की जांच सीबीआई के जिम्मे दी गई थी।

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने ग्रामीण इलाकों को राष्ट्रीय राजधानी के साथ जोड़ने के लिए एक योजना के तहत नेश्नल ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क की स्थापना की थी। इस योजना को कार्यान्वित करने के दौरान करोड़ों रुपए की धांधली का खुलासा भी हुआ था। इस संदर्भ में जोरहाट संमंडल और गोलाघाट उप संमंडल के अधीन कई जगहों पर सीबीआई की एक टीम ने छापेमारी करते हुए दो दिनों तक अपना अभियान चलाया।

इस दौरान सीबीआई की टीम द्वारा जोरहाट में जहां बीएसएनएल के अवकाश प्राप्त अधिकारी और ठेकेदार सहित कई कर्मचारियों के घर छापा मारे जाने की खबर सामने आई है। वहीं सीबीआई की तीन सदस्यीय एक टीम ने गोलाघाट में बीएसएनएल गोलाघाट उप संमंडल के पूर्व एजीएम मुनीन बरुवा से भी पूछताछ की। बताते चलें कि पूर्व एजीएम बरुवा ने वर्ष 2020 में स्वेच्छा से अवकाश लिया था।