गुवाहाटी : पिछले एक सप्ताह से हो रही भारी बारिश के कारण राज्य में बाढ़ की स्थिति खराब हो रही है। ब्रह्मपुत्र और इसकी उपनदियों में बाढ़ आने के साथ-साथ कई जगहों पर बांध टूट जाने के कारण स्थिति काफी बिगड़ चुकी है।

लखीमपुर में ङ्क्षशगरा नदी के बाढ़ में बांध टूट जाने के कारण 20 से अधिक गांवों में पानी भर गया है। दरंग, धेमाजी, विश्वनाथ, डिब्रुगढ़, होजाई, शोणितपुर, तिनसुकिया और उदालगुड़ी में भी बाढ़ का कहर टूट पड़ा है।

पिछले 24 घंटों में राज्य के कई जगहों पर बाढ़ के पानी में कई बांध टूट चुके हैं। मंगलदै में नोवा नदी के बाढ़ में कमारपाड़ा गांव में बांध तोड़ दिया है। गहपुर में ब्रह्माजान नदी के बाढ़ में एक सड़क ढह गई है। नगांव जिले में कामपुर में नीपको ने खांडांग बांध   से पानी छोडऩे के कारण कपिनी नदी के बाढ़ में प्रेमजान बांध टूट गया है।

कामपुर के गारुखुंदा पंचायत के तहत गोसाईंगांव में नवनिॢमत बांध भी टूट गया है जिसके कारण गरुबाट मौजे के व्यापक इलाके में पानी भर गया है। तेजपुर में डिपोटा नदी के बाढ़ में शुक्रवार को अनुज भेंगड़ा नामक एक 16 वर्षीय किशोर बह गया। अभी तक किशोर लापता है।

इधर लोवर सुवनसिरी पनबिजली परियोजना स्थल पर भूस्खलन के कारण डाइवरजन टनल बंद हो जाने के कारण बांध के ऊपर से पानी बह रहा है। राज्य आपदा प्रबंधन अधिकारियों के अनुसार राज्य में अब तक 10 जिलों में 23 राजस्व चक्र बाढ़ से प्रभावितत हुए हैं। पिछले 3-4 दिन से करीब 150 गांवों में पानी भर जाने के कारण अनेक परिवार राहत शिविरों में आश्रय ले रहे हैं।

बाढ़ पीडि़त लोगों की शिकायत है कि राहत शिविरों की संख्या आवश्यकता से कम है। गौरतलब है कि पूर्वोत्तर के साथ-साथ भूटान में भी लगातार भारी बारिश हो रही है। भूटान के कुरिशो बांध से पानी छोड़ देने के कारण निचली असम में बाढ़ का आतंक फैल रहा है। बरपेटा जिले के सर्थेबाड़ी राजस्व चक्र के भक्तरडोबा में प्रशासन की तरफ से माइक से चेतावनी जारी की गई है।