नई दिल्ली : विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमरीका राजकीय यात्रा के 'महत्वपूर्ण नतीजे' होंगे। जयशंकर ने यहां एक कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से कहा कि यह पहली बार होगा जब कोई भारतीय प्रधानमंत्री अमरीकी कांग्रेस को दूसरी बार संबोधित करेंगे। राष्ट्रपति जो बाइडन और प्रथम महिला जिल बाइडन के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी 21-24 जून तक अमरीका के दौरे पर जा रहे हैं। वह 22 जून को राजकीय रात्रिभोज में मोदी की मेजबानी करेंगे।

यात्रा के दौरान मोदी 22 जून को कांग्रेस के संयुक्त सत्र को भी संबोधित करेंगे। जयशंकर ने मोदी सरकार के नौ साल पूरे होने के मौके पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अभियान - 'संपर्क से समर्थन' के तहत दक्षिण दिल्ली के   बदरपुर में आयोजित समारोह के बाद कहा कि प्रधानमंत्री राजकीय यात्रा पर जा रहे हैं, जो उच्चतम स्तर के सम्मान का प्रतीक है। इसलिए उन्हें जो सम्मान मिलेगा, वह अब तक बहुत कम लोगों को मिला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री अमरीकी कांग्रेस के संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगे। किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री ने इसे दो बार संबोधित नहीं किया है। ऐसा पहली बार होगा।

दुनियाभर में भी बहुत कम लोगों ने ऐसा किया है। बहुत कम लोग हैं जिन्होंने अमरीकी कांग्रेस को दो बार संबोधित किया है। विदेश मंत्री ने कहा कि यह महत्वपूर्ण यात्रा है और इसके नतीजे बाद में देखे जाएंगे। भारत-अमरीका संबंधों पर राजकीय यात्रा के निहितार्थ के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इस राजकीय यात्रा के 'महत्वपूर्ण नतीजे' होंगे।

उन्होंने कहा कि नतीजे क्या होंगे, मैं अभी यह नहीं बता सकता। प्रधानमंत्री मोदी 20 जून को न्यूयॉर्क पहुंचेंगे और 21 जून को संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में नौवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह का नेतृत्व करेंगे। इसके बाद वह वाशिंगटन डीसी जाएंगे जहां 22 जून को राष्ट्रपति जो. बाइडन और प्रथम महिला जिल बाइडन राजकीय यात्रा पर उनका स्वागत करेंगे।

यह पूछे जाने पर कि मोदी की अमरीका की इस राजकीय यात्रा से चीन और पाकिस्तान को क्या संदेश जाएगा, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जब कोई प्रधानमंत्री किसी देश का दौरा करता है, तो इससे हमारे (भारत के) संबंध आगे बढ़ते हैं। मैं समझता हूं कि यह एक भूमंडलीकृत दुनिया है, इसलिए यदि कुछ होता है, तो इसका दूसरों पर प्रभाव पड़ भी सकता है और नहीं भी। हम अपने हितों के लिए, अपने संबंधों के नजरिए से इसे देखते हैं।