गुवाहाटी : असम गण परिषद (अगप) ने राज्य में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है  ताकि आगामी चुनाव को मजबूती से लड़ा जा सके, इसको लेकर अगप की ओर से राज्यभर में कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है।  पार्टी ने 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ ही पंचायत चुनाव आदि में अधिकाधिक लाभ के लिए पूरी ताकत झोक दी है। इसके लिए धारावाहिक रूप से सभा समिति के साथ ही कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजितकर रही है।  इसी कड़ी में आज धुबड़ी में आयोजित विशेष कार्यकर्ता सम्मेलन की अध्यक्षता अगप के अध्यक्ष और कृृषि मंत्री अतुल बोरा ने की। मौके पर 1000 कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि अगप  की शक्ति जमीनी कार्यकर्ताओं और निष्ठावान कार्यकर्ताओं का त्याग और कड़ी मेहनत है।

अगप जाति, भाषा, धर्म और जाति के भेदभाव के बिना बड़े असमिया और स्वदेशी लोगों के अधिकारों के लिए हमेशा से संघर्ष करती रही है और आगे भी करती रहेगी। उन्होंने कहा कि एआईयूडीएफ और कांग्रेस को राज्य की राजनीति को अलविदा कहना चाहिए और राज्य के सामूहिक विकास में भागीदार बनना चाहिए। अगप राज्य में रहने वाले सभी जातीय समूहों और धर्मों की एक विश्वसनीय पार्टी है। यह पार्टी स्वदेशी लोगों की सुरक्षा और राज्य के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। पार्टी निश्चित रूप से आगामी लोकसभा चुनाव में प्रतिनिधित्व करेगी। देश की अर्थव्यवस्था अपेक्षा से अधिक तेजी से बढ़ रही है, जिसका फायदा आने वाले दिनों में लोगों को मिलेगा, वही अगप के कार्यकारी अध्यक्ष और स्वास्थ्य मंत्री केशव महंत ने कहा कि कार्यकर्ताओं के अभूतपूर्व उत्साह और सहज प्रतिक्रिया ने एक बार फिर अगप  की ताकत साबित कर दी है।

पार्टी राज्य के लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए कड़ी मेहनत कर रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी राज्य के लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए कड़ी मेहनत कर रही है। उन्होंने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में विपक्ष को हराने के लिए जनता पहले से ही तैयार है और उन्होंने कार्यकर्ताओं से धुबरी लोकसभा क्षेत्र के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में जनसंपर्क बढ़ाकर पार्टी को मजबूत करने का आग्रह किया। सम्मेलन में अगप  के वरिष्ठ नेता फणिभूषण चौधरी, राज्यसभा सांसद और अगप  के महासचिव बीरेंद्र प्रसाद वैश्य, महासचिव डॉ कमलाकांत कलिता, विधायक रामेंद्र नारायण कलिता, प्रबीन हजारिका, भूपेन रॉय, सत्यब्रत कलिता, उपाध्यक्ष ज्योतिष दास, प्रशांत बरुवा,सुनील डेका व अन्य सहयोगी संगठनों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।