गुवाहाटी : असम के कई हिस्सों में रातभर हुई भारी बारिश के कारण सोमवार को बाढ़ की स्थिति खतरनाक बनी रही और कई गांव, कस्बे एवं खेत जलमग्न हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने असम के लिए 'रेड अलर्ट' जारी करते हुए बृहस्पतिवार तक राज्य के कई जिलों में बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। गुवाहाटी में आईएमडी के क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी) ने रविवार और सोमवार के लिए कोकराझाड़, चिरांग, बक्सा, बरपेटा और बोंगाईगांव जिलों में भारी (24 घंटे में 7-11 सेंटीमीटर) से बहुत भारी (24 घंटे में 11-20 सेंटीमीटर) और अत्यधिक भारी बारिश (24 घंटे में 20 सेंटीमीटर से अधिक) के पूर्वानुमान के साथ रेड अलर्ट जारी किया। इसी अवधि में धुबड़ी, कामरूप, कामरूप महानगर, नलबाड़ी, दीमा हसाओ, कछार, ग्वालपाड़ा और करीमगंज जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है।
आरएमसी ने मंगलवार के लिए ऑरेंज अलर्ट और उसके बाद के दो दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। रेड अलर्ट का अर्थ है- तत्काल कार्रवाई करना, जबकि ऑरेंज अलर्ट का अर्थ है-कार्रवाई के लिए तैयार रहना और येलो अलर्ट का अर्थ है- नजर रखना और ताजा जानकारी रखना। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की दैनिक बाढ़ रिपोर्ट के अनुसार कछार, दरंग, धेमाजी, डिब्रूगढ़, गोलाघाट, होजाई, लखीमपुर, नगांव, नलबाड़ी, शोणितपुर , तिनसुकिया और उदालगुरी जिलों में बाढ़ के कारण 33,400 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। लखीमपुर में सर्वाधिक करीब 25,200 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इसके बाद डिब्रूगढ़ में 3,800 से अधिक लोग और तिनसुकिया में लगभग 2,700 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। प्रशासन तीन जिलों में 16 राहत वितरण केंद्र चलाने के अलावा एक राहत शिविर संचालित कर रहा है, जहां नौ लोगों ने आश्रय लिया है। एएसडीएमए ने बताया कि वर्तमान में 142 गांवों में पानी भरा है और पूरे असम में 1,510.98 हेक्टेयर कृषि भूमि को नुकसान हुआ है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि विश्वनाथ, बोंगाईगांव, डिब्रूगढ़, कोकराझाड़, लखीमपुर, माजुली, मोरीगांव, नगांव, शिवसागर, शोणितपुर, दक्षिण सालमारा और उदालगुड़ी जिलों में भारी कटाव देखा गया है। डिमा हसाओ और करीमगंज में भारी वर्षा के कारण भूस्खलन की घटनाओं की सूचना मिली है। शोणितपुर, लखीमपुर, कछार, धेमाजी, ग्वालपाड़ा, नगांव, उदालगुड़ी, चिरांग, डिब्रूगढ़, कामरूप, कार्बी आंग्लांग, करीमगंज, बोंगाईगांव, माजुली, मोरीगांव, शिवसागर और दक्षिण सालमारा में बाढ़ के पानी से तटबंध, सड़कें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे क्षतिग्रस्त हो गए हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि निमातीघाट में ब्रह्मपुत्र, एनएच रोड क्रॉसिंग पर पुथिमारी और कामपुर में कोपिली नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।