गुवाहाटी : 15 वर्षों के लंबे समय के बाद मंगलवार को असम में पुनर्निर्धारित निर्वाचन क्षेत्रों की मसौदा सूची जारी की गई है। राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था के बावजूद 2008 में निर्वाचन क्षेत्र के पुनर्निर्धारण को रद्द कर दिया गया था। गौरतलब है कि पिछले मसौदे और आज जारी मसौदे में काफी अंतर है। हालांकि दोनों ड्राफ्ट जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 8(ए) की तहत 2001 की जनगणना पर आधारित हैं।
मंगलवार को जारी किए गए मसौदे में विधानसभा (126) और लोकसभा (14) सीटों की संख्या में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन मौजूदा कलियाबार लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र को हटा दिया गया है और इसके स्थान पर काजीरंगा निर्वाचन क्षेत्र शामिल किया गया है। लोकसभा क्षेत्रों के परिसर में भी बदलाव किया गया है। इसी तरह कई विधानसभा क्षेत्रों के नाम और क्षेत्र का दायरा बदलकर नए निर्वाचन क्षेत्र के रूप में शामिल किया गया है। उदाहरण के लिए ऊपरी असम में आमगुड़ी विधानसभा क्षेत्र को हटा दिया गया है और शिवसागर में तीन निर्वाचन क्षेत्र बनाए गए हैं।
पश्चिम कार्बी आंग्लांग जिले में एक निर्वाचन क्षेत्र बढ़ाया गया है। इसी तरह बोड़ोलैंड में 16 निर्वाचन क्षेत्रों से 19 तक बढ़ा दिया गया है। अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीटों की संख्या भी 16 से बढ़ाकर 19 कर दी गई है। अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीटों की संख्या 8 से बढ़ाकर 9 कर दी गई है। उल्लेखनीय है कि ऊपरी असम में सीटों की संख्या बढ़ाई गई, जबकि बराक घाटी की सीटें घटाई गई है। दूसरी ओर माकुम, गोबर्धना और टिहू नए विधानसभा क्षेत्र बनाए गए हैं। आमगुड़ी विधानसभा सीट को समाप्त कर दिया गया है।