धुबड़ी : मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा ने मंगलवार को कहा कि राज्य में विकास की गति रूकने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव प्रचार के दौरान मैंने एक लाख युवाओं को नौकरी देने का वादा किया था, जो कहने में आसान था, पर ऐसा कर दिखाना मुश्किल था। परंतु प्रधानमंत्री मोदी के साहस के कारण यह संभव हुआ। उन्होंने कहा कि हम यहीं रुकने वाले नहीं हैं। मुख्यमंत्री डॉ हिमंत विश्वशर्मा आज तूफानी दौरे के साथ यहां धुबड़ी पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने एक जनसभा को संबोधित करते हुए लोगों से 2024 में नरेंद्र मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने अरुणोदय योजना का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर तंज कसा और कहा कि कांग्रेस के लोग कहते थे कि चुनाव आने के कारण अरुणोदय दिया जा रहा है।

चुनाव बाद यह बंद हो जाएगा, परंतु हमारी सरकार ने उल्टे अरुणोदय योजना की राशि 830 से बढ़ाकर 1000 व एक हजार से बढ़ाकर 1250 कर दी। अब अरुणोदय की राशि को बढ़ाकर 1400 रुपए तक करने का निर्णय हमारी सरकार ने लिया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल 19 लाख परिवार इससे जुड़े हैं। आगामी एक दो दिनों में और आठ लाख परिवार इससे जुड़ जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरी इच्छा है कि असम के 35 लाख परिवारों तक इस सुविधा का लाभ पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी बैठे हैं इसी वजह से इतने बड़े पैमाने पर जनहित के विकास कार्य संभव हो पा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने नई योजनाओं का भी जिक्र करते हुए कहा कि एक लाख युवाओं को सरकार दो-दो लाख रुपए की एकमुश्त सहयोग राशि सीधे उनके एकाउंट में प्रदान करेगी, ताकि वे अपना कोई भी व्यापार शुरू कर सकें। 

मुख्यमंत्री ने धुबड़ी के हिन्दू-मुसलमान सभी समुदायों के लोगों से बाल विवाह को किसी भी हाल में प्रश्रय न देने की अपील की।  मुख्यमंत्री ने कहा कि  धुबड़ी जिले में सिर्फ बालिकाओं के लिए चार नए कॉलेज निर्माण का हमने निर्णय लिया है, ताकि यहां की बच्चियां भी पढ़ाई-लिखाई में आगे बढ़ सकें। उन्होंने आगे कहा कि धुबड़ी में मेडिकल कॉलेज बन चुका है। अब भविष्य में उच्च शिक्षा के लिए यहां विश्वविद्यालय निर्माण की भी मेरी इच्छा है। इससे पहले मुख्यमंत्री ने गंगाधर नदी पर बहुप्रतीक्षित पुल का उद्घाटन किया।

राष्ट्रीय राजमार्ग 31 से सटा यह पुल भारत-बांग्लादेश की अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर स्थित है तथा 73.92 करोड़ रुपए की लागत से बना 682 मीटर लंबा यह पुल गोलकगंज शहर को सीमावर्ती कानूरी, नालिया, बिन्नाचरा, लखिमारी आदी जैसे गांवों को जोड़ता है।  वहीं इसके पश्चात रथयात्रा के पवित्र अवसर पर मुख्यमंत्री सीमावर्ती सत्रसाल स्थित ऐतिहासिक रामरायकुटी सत्र में भी दर्शन के लिए पहुंचे, जहां उन्होंने सत्राधिकार व अन्य स्थानीय लोगों से सत्र के चहुंमुखी विकास के संबंध में चर्चा की। इसके बाद मुख्यमंत्री बिलासीपाड़ा पहुंचे।