डिजीटल डेस्क: जल्द ऑनलाइन गेमिंग, कसीनो, हॉर्स रेसिंग खेलना महंगा पड़ सकता है. GST कॉउंसिल जल्द इसपर 28% GST का ठप्पा लग सकता है। जानकारी के मुताबिक 11 जुलाई को होने वाली GST कॉउंसिल की बैठक में इसपर मुहर लग सकती है, हालांकि, गोवा इस टैक्स दर को कम करने की मांग कर रहा है और 28 प्रतिशत GST से सहमत नहीं है और GoM तीनों गेमों पर 28 फीसदी GST लगाने को मंजूरी दे चुका है।

11 जुलाई को GST की बैठक में अन्य मुद्दों पर भी चर्चा होगी तथा कसीनो, रेसकोर्स और ऑनलाइन गेमिंग पर टैक्स से जुड़े मुद्दों की जांच के लिए मंत्रियों के ग्रुप GOM 28% GST पर सहमत हुआ है। GoM इन तीनों गेमों पर 28% GST लगाना चाहता है। 11 जुलाई को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता वाली परिषद ये भी डिसाइड कर सकती हैं कि ये तीनों सट्टेबाजी और जुए के दायरे में आएंगे या नही।

GST मीटिंग शामिल हैं ये मंत्री:

GST कॉउंसिल की मीटिंग में राज्यों के वित्त मंत्री भी शामिल हैं. मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा की अगुवाई वाले ग्रुप मिनिस्टर्स में आठ राज्य यानी पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, गोवा, तमिलनाडु, तेलंगाना, गुजरात और महाराष्ट्र के मेंबर्स शामिल हैं। GST कॉउंसिल की 11 जुलाई को होने वाली बैठक में GST बढ़ाने पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है और इसके अलावा इस बात पर भी फैसला लिया जायेगा कि क्या ग्रॉस गेमिंग रेवेन्यू (GGR) पर टैक्स लगाया जाए या नहीं।

गोवा ने दिया ये सुझाव:

गोवा ने कसीनो के कुल गेमिंग राजस्व पर 28 प्रतिशत कर लगाने का सुझाव दिया और इसके साथ ही उसका कहना है कि प्लेटफॉर्म ऑपरेटर्स की ओर से लगाए गए प्लेटफार्म फीस और सर्विस चार्ज पर 18 प्रतिशत GST लगाया जाना चाहिए। गोवा का यह भी सुझाव था कि रिवॉर्ड पूल में योगदान को आपूर्ति माना जाए और इसपर जीएसटी नहीं लगाया जाए।

महाराष्ट्र और तेलंगाना का कहना था कि यदि जीएसटी परिषद यह निर्णय करती है कि तीनों गतिविधियां दांव और जुए की कार्रवाई योग्य दावों के तहत नहीं आती हैं, तो जीजीआर पर 28 प्रतिशत कर लगाया जाना चाहिए और महाराष्ट्र ने कहा कि तीनों आपूर्तियों पर 28 प्रतिशत की दर से कर लगना चाहिए और इनमें कौशल या अन्य किसी चीज के नाम पर अंतर नहीं किया जाना चाहिए।