गुवाहाटी : पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के 12 राज्यों के वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने 2024 के लोकसभा चुनावों पर रणनीति बनाने के लिए आज वृहस्पतिवार को गुवाहाटी के वशिष्ठ स्थित राज्य भाजपा मुख्यालय में बैठक की। भाजपा का पूर्वी क्षेत्र, जिसमें उत्तर पूर्व के आठ राज्य, बिहार, झारखंड, उड़ीसा और पश्चिम बंगाल शामिल हैं, कम से कम 100 सीटें जीतने का लक्ष्य लेकर यह बैठक आयोजित हुई। बैठक सुबह 10.30 बजे शुरू हुई और शाम पांच बजे तक चली। बैठक में 2024 के लोकसभा चुनाव में पूर्वी क्षेत्र की  142 लोकसभा सीटों पर कम से कम 100 सीटें जीतने  के लक्ष्य पर भाजपा की रणनीति और योजनाओं पर चर्चा हुई। बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष, केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल, असम के मुख्यमंत्री  डॉ. हिमंत विश्व शर्मा, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा, ऋतुराज शामिल हुए।

असम प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष भवेश कलिता ने संवाददाताओं को बताया कि संगठन को मजबूत करना और चुनाव रणनीति दिन भर चली। बैठक से पहले उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि  हमारा लक्ष्य लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी की वापसी सुनिश्चित करना है और हम इस दिशा में काम कर रहे हैं। असम में भाजपा के प्रभारी बैजयंत पांडा ने कहा कि उनकी पार्टी न केवल चुनाव से पहले तैयारी करती है बल्कि पूरे साल लोगों के संपर्क में रहती है। उन्होंने कहा कि इस विशेष बैठक में पूर्व और पूर्वोत्तर की सभी राज्य इकाइयों में संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा होगी। बैठक से पहले भाजपा नेताओं ने पार्टी के राज्य मुख्यालय में जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

गौरतलब है कि 12 राज्यों में कुल 142 लोकसभा सीटें हैं और 2019 में भाजपा ने इनमें से 68 सीटें जीतीं। पूर्वोत्तर के आठ राज्यों में कुल 25 लोकसभा सीटें हैं, जिनमें असम में सबसे ज्यादा 14 सीटें हैं। अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मणिपुर और त्रिपुरा में दो-दो सीटें हैं, जबकि मिजोरम, नागालैंड और सिक्किम में एक-एक सीट है। पूर्वी राज्यों में पश्चिम बंगाल में 42 सीटें, बिहार में 40 सीटें, ओडिशा में 21 सीटें और झारखंड में 14 सीटें हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा ने बिहार की 40 में से 17 सीटें जीती थीं। हालाँकि, इस बार नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जद (यू) ने भाजपा से नाता तोड़ लिया है और पटना में भाजपा विरोधी गठबंधन बनाया है। जेडीयू ने चुनाव में 16 सीटें जीतीं थी।

पिछली बार अपने सर्वोत्तम प्रयासों के बावजूद भाजपा ने पश्चिम बंगाल की 42 लोकसभा सीटों में से केवल 18 सीटें जीतीं। अत: ऐसी परिस्थितियों में 2024 में नरेंद्र मोदी तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बनाने के लिए भाजपा को पूर्वोत्तर में 25 सीटें सहित बिहार, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा और झारखंड में सबसे ज्यादा सीटें जीतने की जरूरत हैं। इसी लक्ष्य को हासिल करने के लिए बैठक में चर्चा की गई। गौरतलब है कि उत्तरी, मध्य और पश्चिमी राज्यों के भाजपा नेता 7 जुलाई को नई दिल्ली में और दक्षिणी राज्यों के नेता 8 जुलाई को हैदराबाद में मिलेंगे।